फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने इतिहास रचते हुए अर्जेंटीना को एक्स्ट्रा टाइम में 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया. मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले का फैसला फेरान टोरेस के गोल ने किया, जिन्होंने एक्स्ट्रा टाइम के दूसरे हाफ की शुरुआत में विजयी गोल दागा. पूरे मैच में स्पेन ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और लगातार आक्रमण किए, लेकिन अर्जेंटीना की मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज के शानदार प्रदर्शन ने उन्हें लंबे समय तक गोल करने का मौका नहीं दिया. मार्टिनेज ने कई बेहतरीन सेव कर स्पेन को बढ़त लेने से रोके रखा.
मुकाबले का सबसे बड़ा मोड़ रेगुलर टाइम के स्टॉपेज टाइम में आया, जब अर्जेंटीना के मिडफील्डर एंजो फर्नांडीज को पाउ कुबारसी पर खतरनाक टैकल के लिए दूसरा पीला कार्ड दिखाया गया. रेड कार्ड मिलने के बाद अर्जेंटीना को बाकी मुकाबला 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा, जिसका फायदा स्पेन ने एक्स्ट्रा टाइम में उठाया.
आखिरकार एक्स्ट्रा टाइम के दूसरे हाफ में स्पेन की मेहनत रंग लाई. सब्स्टीट्यूट फेरान टोरेस ने निको विलियम्स के शानदार नॉक-बैक पर सटीक फिनिश करते हुए गेंद को जाल में पहुंचा दिया. यही गोल मैच का निर्णायक साबित हुआ और स्पेन ने 1-0 से जीत दर्ज कर ट्रॉफी अपने नाम कर ली. कोच लुइस डे ला फुएंते की टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया. स्पेन ने सात मैचों में केवल एक गोल खाया और अपने बेहतरीन पजेशन फुटबॉल के दम पर हर प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाए रखा.
वहीं, लियोनेल मेस्सी की अगुआई वाली अर्जेंटीना ने भी पूरे टूर्नामेंट में दमदार जज्बा दिखाया. टीम ने नॉकआउट चरण में मिस्र के खिलाफ वापसी करते हुए जीत हासिल की, जबकि सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ एक गोल से पिछड़ने के बावजूद मुकाबला अपने नाम किया. हालांकि फाइनल में रेड कार्ड और स्पेन के अनुशासित खेल के सामने अर्जेंटीना अपना खिताब बचाने में सफल नहीं हो सकी.
