लद्दाख में सुरक्षा कर्मियों द्वारा रास्ता रोके जाने पर एक युवती का यह कहना कि “हम…
Category: सम्पादकीय
खानपान की गुणवत्ता से समझौता आखिर कब तक?
हमारे देश में खानपान को लेकर आम लोगों से लेकर सरकारी तंत्र और निर्माता कंपनियों तक…
छात्र आंदोलनों की चिंगारी अब दूर तक जाएगी
दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के छात्र आंदोलन की चिंगारी अब धीरे-धीरे…
जमशेदपुर की घटना ने पुलिस व्यवस्था पर खड़े किए गंभीर सवाल
जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डबल डेकर बार में हुई हिंसक झड़प के बाद एक युवक की…
नेहरू बनाम मोदी: तुलना की राजनीति और सोशल मीडिया का जहर
प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष पूरे होने और निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर…
कोचिंग संस्थानों की वर्चस्व की लड़ाई और छात्रों का भविष्य
नीट यूजी, यूजीसी और सीबीएसई विवाद के बीच बिहार में कोचिंग संस्थानों के बीच…
शिक्षा व्यवस्था की साख पर बड़ा सवाल
देश के छात्रों के भविष्य के साथ आखिर खिलवाड़ कौन कर रहा है? यह सवाल आज…
कोचिंग संस्कृति का बढ़ता जाल और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के नाम पर कोचिंग संस्थानों का जिस तरह विशाल कारोबार…
बदलते समय में पत्रकारिता और ‘चमकता आईना’
समय, समाज और व्यवस्था—तीनों निरंतर परिवर्तनशील हैं। मूल्यों में गिरावट, मान्यताओं में बदलाव और तकनीक की…
भारत ने पाकिस्तान को दिया सख्त और साफ संदेश
भारत-पाकिस्तान मुकाबला हमेशा से ही क्रिकेट से बढक़र माना जाता है। लेकिन इस बार का…