टाटा स्टील के सीईओ व एमडी की सैलरी 20.66 करोड़ रुपये पहुंची

 

चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कमीशन लेने से किया इनकार उन्हें मिलेगा सिर्फ बैठक का शुल्क

कार्यकारी निदेशक व मुख्य वित्तीय अधिकारी कौशिक चैटर्जी को 16.39 करोड़ रुपये

जमशेदपुर। टाटा स्टील की वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) व प्रबंध निदेशक टी वी नरेंद्र के पारिश्रमिक में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार उन्हें वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल 20.66 करोड़ रुपये (2,066.07 लाख रुपये) का पारिश्रमिक मिला, जिसमें 15 करोड़ रुपये का प्रदर्शन आधारित कमीशन भी शामिल है।
टाटा स्टील की वार्षिक रिपोर्ट में प्रकाशित निदेशकों के पारिश्रमिक विवरण के अनुसार नरेंद्रन का मूल वेतन 2.34 करोड़ रुपये, भत्ते व परिलब्धियां 3.32 करोड़ रुपये व कुल स्थायी वेतन 5.56 करोड़ रुपये रहा। इसके अतिरिक्त कंपनी के बोर्ड ने उनके लिए 15 करोड़ रुपये के कमीशन को मंजूरी दी, जिससे उनका कुल पारिश्रमिक 20.66 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
रिपोर्ट के अनुसार कंपनी के कार्यकारी निदेशक व मुख्य वित्तीय अधिकारी कौशिक चैटर्जी को 16.39 करोड़ रुपये का कुल पारिश्रमिक प्राप्त हुआ, जिसमें 10.50 करोड़ रुपये का कमीशन शामिल है।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया। टाटा स्टील का समेकित राजस्व बढ़कर 2.32 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि शुद्ध लाभ तीन गुना बढ़कर 10,793 करोड़ रुपये से अधिक हो गया। बेहतर वित्तीय नतीजों और परिचालन प्रदर्शन को देखते हुए बोर्ड ने वरिष्ठ प्रबंधन के लिए प्रदर्शन आधारित कमीशन को मंजूरी दी। वार्षिक रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि नरेंद्रन और कौशिक चटर्जी दोनों ने वर्ष के दौरान कंपनी के सभी छह बोर्ड बैठकों में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की।
टाटा ग्रुप के अध्यक्ष और चंद्रशेखरन ने कंपनी की नीति के तहत कोई कमीशन स्वीकार नहीं किया और उन्हें केवल बैठक शुल्क का भुगतान किया गया। इस प्रकार टाटा स्टील के बेहतर कारोबारी प्रदर्शन और लाभप्रदता में सुधार के साथ शीर्ष प्रबंधन के पारिश्रमिक में भी वृद्धि देखने को मिली है।

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