रांची: झारखंड विधानसभा के 6 अगस्त से शुरू हो रहे मानसून सत्र से पहले छात्र आंदोलन को लेकर सरकार ने अपना रुख साफ कर दिया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई सत्ता पक्ष की बैठक के बाद मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि सरकार छात्रों से बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है.
सरकार की ओर से मंत्रियों का एक समूह बनाया गया है, लेकिन उसका उद्देश्य वार्ता करना नहीं, बल्कि आंदोलन की स्थिति पर नजर रखना और समन्वय बनाए रखना है. अब गेंद छात्रों के पाले में है कि वे अपना प्रतिनिधिमंडल बनाकर सरकार से बातचीत के लिए कब आगे आते हैं. हालांकि, छात्र भी अब सरकार से बात करने के लिए तैयार हैं.
सरकार तैयार, अब छात्रों के फैसले का इंतजार
बैठक के बाद वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि छात्रों से बातचीत के लिए कोई अलग कमेटी गठित नहीं की गई है. उन्होंने बताया कि एक कमेटी जरूर बनी है, जिसमें मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, सुदिव्य कुमार सोनू, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा और एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शामिल हैं, जिसका काम आंदोलन की गतिविधियों पर नजर रखना है. सरकार ने छात्रों तक यह संदेश पहुंचा दिया है कि उनके हित में जो भी जरूरी होगा, वह किया जाएगा. अब यह छात्रों पर निर्भर करता है कि वे कब सरकार से बातचीत करना चाहते हैं.
छात्रों के हित में हर जरूरी कदम उठाएगी सरकार
राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार अपनी संवेदनशीलता सिर्फ शब्दों से नहीं, बल्कि फैसलों से दिखाएगी. सरकार छात्रों के हित में हर जरूरी कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है और संवाद के लिए उसके दरवाजे खुले हैं.
दीपिका पांडेय ने भी दोहराया सरकार का रुखमंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भी कहा कि सरकार ने मंत्रियों का एक समूह बनाया है और इसकी जानकारी छात्रों को दे दी गई है. अब उम्मीद है कि छात्र अपना प्रतिनिधिमंडल बनाकर जल्द से जल्द सरकार से बातचीत के लिए संपर्क करेंगे. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की हर बात गंभीरता से सुनेगी और जो भी उचित होगा, उस पर कार्रवाई करेगी.
