फोटो परिचय–बर्गीडीह स्कूल परिसर में दारु की नियमित खुलती हैं बोतलें और यही लोग स्कूल का भविष्य संवारने का करते हैं दावा
जमशेदपुर 21 सितंबर जियाडा फेज 3 आदित्यपुर में आसंगी मौजा के अंतर्गत बर्गीडीह में जियाडा द्वारा जमीन आवंटन मिलने के बावजूद अधिकृत व्यक्तियों को जमीन की चहारदिवारी करने से रोकने में एक सांसद के समर्थकों का हाथ सामने आया है। अब यह मामला राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का हो जाए तो आश्चर्य नहीं। अधिकृत आवंटियों द्वारा एक पूर्व सीएम से संपर्क किया गया। उन्होंने समर्थन का भरोसा दिया । इस प्रकार ऐसा लगता है कि सांसद और पूर्व सीएम इस मामले में आमने सामने हो जाएं तो आश्चर्य नहीं।
इस भू विवाद को लहकाने में टाटा स्टील एल डी -2 के एक कर्मचारी और टाटा वर्कर्स यूनियन में कमिटी मेंबर का भी नाम आता है जो रहते हैं टाटा नगरी में लेकिन विवाद में पहुंच जाते मैदान पर दावा करने।
उल्लेखनीय है कि इसी भूखंड के एक हिस्से पर महिला उद्यमी को भी जियाडा ने उद्योग लगाने के लिये भू आवंटन किया है। लेकिन 20 वर्षों से वह महिला इसी लिये दखल के लिये चक्कर काटती रही कि उसपर सांसद के जरिये आदित्यपुर में चर्चित सफेदपोश माफिया ने अपनी निगाह लगा रखी है। सांसद से तनातनी की खबरों के बाद ऐसा लगता है कि अब सफेदपोश की दाल न गले । सफेदपोश ने महिला को आवंटित प्लाट पर अपने वृक्षारोपण कर दिया और नाला निकलवा दिया। फिलहाल जैसा कि पता चला है, जियाडा ने सफेदपोश को नाला बंद करने और पौंधों पर लगे केज हटा लेने का निदेश दिया है। पता चला है कि उक्त भूखंड को फुटबाल मैदान बताकर मुट्ठीभर लोग वहां दखल लेने जाने पर तमाशा खड़ा करते हैं जो सफेदपोश द्वारा प्रायोजित बताये जाते हैं। इन लोगों पर कतिपय आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं ,जिनमें कुछ जेल भी भेजे गये। जिला प्रशासन विधि व्यवस्था के नाम पर चुपचाप इन मुट्ठीभर लोगों के आतंक को मूक द्रष्टा बनकर देखता रहता है। जियाडा ने किसी को पैसे लेकर उद्योग लगाने के लिये भूमि आवंटन किया, तो किसी को उनकी अधिग्रहित जमीन के एवज में परवाना देकर बसाने का कदम उठाया है। जिला प्रशासन और पुलिस बल द्वारा पर्याप्त शक्ति और सख्ती नहीं दिखाने के चलते मुट्ठीभ र लोग कानून के शासन को धत्ता बताते रहते हैं, लेकिन इस बार जिला प्रशासन ने पर्याप्त सशस्त्र बल और सीनियर मजिस्ट्रेट, संभवतः एस डी ओ को तैनात करने का संकेत दिया है।
