सिंदरी में बिजली-पानी का संकट: SAIL और पावर मैक दोनों जिम्मेदार

*सिंदरी फैमिली के अध्यक्ष डी.एन. सिंह ने  बोला तीखा हमला

*सिंदरी, 5 जून * सिंदरी टाउनशिप के निवासियों की जिंदगी इन दिनों नरक बन गई है। लगातार केबल फॉल्ट और पानी की मुख्य पाइपलाइन टूटने से पूरा इलाका बिजली-पानी संकट से जूझ रहा है। सिंदरी फैमिली के अध्यक्ष डी.एन. सिंह ने पावर मैक कंपनी के साथ-साथ SAIL को भी सीधे जिम्मेदार ठहराते हुए तीखा हमला बोला है।

डी.एन. सिंह ने कहा, *“पावर मैक सिंदरी के लोगों के लिए आतंक का नाम बन गया है। गर्मी के इस भीषण मौसम में बिना बिजली और पानी के 48 घंटे गुजारना किसी सजा से कम नहीं है।”*

उन्होंने आरोप लगाया कि पावर मैक के काम पूरी तरह बिना निगरानी और सुरक्षा मानकों के हो रहे हैं। बुधवार को पावर मैक के कर्मचारियों द्वारा पानी की मुख्य पाइपलाइन तोड़ दिए जाने की घटना ने पूरे टाउनशिप को पानी संकट में डाल दिया। सिंह ने सवाल उठाया, *“10-12 फीट नीचे दबी मुख्य पाइपलाइन सिर्फ मिट्टी डालने या पोक्लेन चलाने से कैसे टूट सकती है? यह संदेहास्पद है।”*

*“जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें पाइपलाइन जर्जर और खस्ताहाल नजर आ रही है। इसे तुरंत बदला जाना चाहिए, वरना समस्या बार-बार आएगी,”* उन्होंने चेतावनी दी।

डी.एन. सिंह ने साफ कहा कि दोष केवल पावर मैक का नहीं है। असली जिम्मेदारी *SAIL* की है, जिसने ठेका देने वाली एजेंसियों को काम सौंपा है।

*“FCIL ने सिर्फ ब्लूप्रिंट दे दिया, उसका काम खत्म। HURL तभी सामने आता है जब नुकसान हो जाए। असल जिम्मेदारी SAIL पर है, जिसने पावर मैक जैसे ठेकेदार को काम दिया। उन्हें यह देखना चाहिए था कि ठेकेदार का स्टाफ कितना सक्षम और जिम्मेदार है। अस्थायी लोगों के भरोसे पूरा काम छोड़ दिया गया है।”*

उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई की मांग की है:

– पावर मैक के सभी कार्यों की सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाए।
– जर्जर मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन को तुरंत बदला जाए।
– सुरक्षा मानकों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।

डी.एन. सिंह ने स्थानीय निवासियों, दीपू कुमार, प्रशांत पांडेय और पत्रकारों द्वारा साइट का निरीक्षण करने का जिक्र करते हुए कहा कि स्थिति स्पष्ट है। अब ब्लेम गेम बंद होना चाहिए और असली दोषियों को जवाबदेह बनाया जाए।

*सिंदरी फैमिली के अध्यक्ष डी.एन. सिंह* ने चेतावनी देते हुए कहा, *“अगर समय रहते सुधार नहीं हुआ तो यह संकट और गहरा होगा। सिंदरी के लोग अब और सहन नहीं करेंगे।”

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