आदित्यपुर के चर्चित उद्यमी, संघी और सांसद भक्त होने की आड़ में झूठे आचरण का बहुत बड़ा लिहाफ ओढ रखा है इस सफेदपोश स्क्रैप माफिया ने। आदित्यपुर के इस सफेदपोश उद्यमी – कारोबारी के एक से एक कारनामे सामने आ रहे हैं जब उसने सिर्फ एक महिला उद्यमी को ही परेशान नहीं किया अपितु आदित्यपुर के प्रमुख औद्योगिक संगठनों पर कब्जा के लिए जमीन से जुड़े जुझारू लोगों को भी ज़लील किया। स्व सिंह द्वय इसके ताजा नमूना हैं। कोई सगा नहीं जिसे ठगा नहीं कोई ऐसा कंधा नहीं जिसे इसने फांदा नहीं। सिंह द्वय इसके ज्वलंत नमूना हैं। अब सांसद को चलता करने की कोशिश में तनातनी की खबर सामने आई है। सांसद की ताकत पर ही आदित्यपुर में स्क्रैप, फाउंड्री, का माफिया सरदार बनने के बाद इंदौर में छलांग लग रहा है। सांसद के आशीर्वाद से रेल रक्षा के ऑर्डर बढ़ गए तो मन भी बढ़ा। लेकिन नींव में जिन लोगों की हाय दफ़न करने की कोशिश हुई वह अब एक एक कर सामने आ रही। महिला उद्यमी के आवंटित प्लॉट को दखल नहीं होने देने की घटना के बाद आदित्यपुर में उद्यमियों और आम लोगों के लिए तत्कालीन आयडा द्वारा प्रस्तावित आवासीय कॉलोनी को निगलने के पीछे भी इसी माफिया और उसके कुछ नख दंत विहीन अनुचरों का ही हाथ माना जाता है। औद्योगिक संगठन का प्रमुख की हैसियत का इतना बड़ा दुरुपयोग अमानत में ख्यानत जैसी धोखाधड़ी से कम नहीं। किस परिस्थिति में इस संगठन प्रमुख ने आयडा को सहमति दी कि उस आवासीय प्रस्ताव को रद्द किया जाय, जबकि उस आवासीय प्रोजेक्ट के लिए रजिस्ट्रेशन में लोगों ने हजारों रुपए जमा कराए जो आज भी नहीं लौटा । लोग इस माफिया के स्वार्थ और कपट के कारण पैसा ओर घर के सपनों से ठगे गए। ऑटो क्लस्टर के निर्माण की कहानी में यह पन्ना और खुल सकता है।आज ऑटो क्लस्टर में जियाडा के अधिकारी के पदेन अध्यक्ष होने के बावजूद यह छिपा नहीं कि यहां किसकी चलती है? आश्चर्य है लोग इस सफेदपोश के रवैए पर मूकद्रष्ट बने रहते हैं। संघ के प्रति समर्पण का हाल यह है कि प्राथमिक प्रशिक्षण के उपरांत ही संघ चालक तक बन बैठा है । विदित हो कि लघु भारती में भी जिले में बिना किसी पद के ही राष्ट्रीय महामंत्री बन बैठा। विद्या विकास समिति के अधीन घाटशिला मुसाबनी के विद्यालयों के नहीं आने देने, संघ कार्यालय नहीं बनने देने में बाधा का मौन समर्थन यह सबको दिखाई दे रहा, सबको अंदाज लग रहा, भले ही आम स्वयं सेवक और लघु उद्योग भारती और विद्या विकास से जुड़े सदस्य निराश और साधनों से मुहताज हो लेकिन सफेदपोश की चलती दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ती चली गयी। संघ की शाखाएं लगवाने और उनकी संख्या बढ़वाने में तथा लघु भारती की टूटन और विद्या विकास समिति के विवाद में इस सफेदपोश के योगदान की समीक्षा स्वयं सेवक घुटन भरे मन से करते हैं….जारी….
