पीएम ने दी बधाई
दिग्गज साउथ अभिनेता अनंत नाग को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। 22 सितंबर को गुजरात के एकता नगर में आयोजित होने वाले 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में उन्हें यह सम्मान दिया जाएगा। यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा में उनके लंबे और उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जा रहा है। बता दें, करीब पांच दशक लंबे अपने करियर में अनंत नाग ने कन्नड़ के साथ-साथ हिंदी सिनेमा में भी अपनी अलग पहचान बनाई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री ने लिखा, ‘दिग्गज कलाकार अनंत नाग जी को दादा साहब फाल्के पुरस्कार मिलने पर बधाई। कई दशकों से, उनके सहज अभिनय, अद्भुत प्रतिभा और शानदार काम ने भारतीय सिनेमा, खासकर कन्नड़ सिनेमा पर गहरी छाप छोड़ी है। उन्होंने जो भी भूमिका निभाई, उसमें एक अनोखी गहराई और सच्चाई दिखाई। यह सच में एक बेहद खास कलाकार के लिए पूरी तरह से हकदार सम्मान है।’
शुरुआती जीवन और रंगमंच से जुड़ाव
अनंत नागरकट्टे, जिन्हें फिल्मी दुनिया में अनंत नाग के नाम से जाना जाता है, का जन्म 4 सितंबर 1948 को कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के शिराली में हुआ था। मुंबई में पढ़ाई के दौरान उनकी दिलचस्पी अभिनय में बढ़ी। 1960 के दशक के आखिर में उन्होंने कन्नड़, कोंकणी, मराठी और हिंदी नाटकों के जरिए थिएटर की दुनिया में कदम रखा। रंगमंच पर उनके अभिनय ने जल्द ही लोगों का ध्यान खींचा।
हिंदी फिल्मों में भी किया काम
थिएटर में अनंत नाग की प्रतिभा को मशहूर फिल्ममेकर श्याम बेनेगल ने पहचाना। उन्होंने 1974 में आई फिल्म ‘अंकुर’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा। इसके बाद अनंत नाग 1970 और 1980 के दशक के समानांतर सिनेमा का एक जाना-पहचाना चेहरा बन गए। उन्होंने श्याम बेनेगल की ‘निशांत’, ‘मंथन’और ‘भूमिका’ जैसी चर्चित फिल्मों में भी अहम भूमिकाएं निभाईं।
‘मालगुडी डेज’ ने घर-घर पहुंचाया नाम
अनंत नाग के करियर में ‘मालगुडी डेज’ का भी खास स्थान है। आर. के. नारायण की कहानियों पर आधारित इस लोकप्रिय टीवी सीरीज का निर्देशन उनके छोटे भाई शंकर नाग ने किया था। इस सीरीज ने अनंत नाग को देशभर के दर्शकों के बीच एक अलग पहचान दिलाई।
