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जमशेदपुर 3 सितंबर: आदित्यपुर औद्योगिक और कारोबार क्षेत्र से लेकर बासुकीनाथ तक जाल फैलाए एक सफेदपोश कारोबारी ने ‘न्यू इस्पात मेल’ में ंछप रही खबरों पर ‘डैमेज कंट्रोल’ के लिये मुद्दे को भटकाकर संघ को रक्षाकवच के रूप में इस्तेमाल करने की चाल चली है। यह स्पष्ट हो कि पिछले अंकों में प्रकाशित सभी रिपोट्र्स का प्रकाशन उस व्यक्ति की माफियागिरी ‘एको अहम् द्वितीयो नास्ति’ के रवैये, औद्योगिक संगठनों को तोड़ मरोडक़र अपनी जेब में डालना और खुद सभी लाभ बटोरने से उद्यमी और कारोबारी समाज में व्याप्त असंतोष को सामने लाने का प्रयास है। किंतु इस सफेदपोश माफिया ने अपने एक मैनेजर को आगे कर अखबार के संपादक के व्हाट्सएप पर ऐसी प्रतिक्रियाएं भिजवाई है, उसका लब्बोलुआव यह है कि अखबार में शुरू दिन से छप रही रिपोर्ट राष्ट्रवादी एवं देशभक्त संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विरुद्ध हो। उस प्रतिक्रिया में कहा गया है कि प्रति दिन एक एक गलती अखबार करता जा रहा है, इसकी तीखी प्रतिक्रिया स्वयंसेवकों में है। न जाने किसके बहकावे में आकर एक अत्यंत ज्येष्ठ एवं श्रेष्ठ प्रचारक जी के नाम का उल्लेख कर अखबार ने अत्यंत निंदनीय कार्य किया है। मैनेजर यह लिखते समय भूल गये कि वे खुद प्रचारक शब्द अपनी प्रतिक्रिया में लिख रहे हैं जबकि अखबार में ऐसे किसी प्रचारक के रूप में कोई जिक्र कभी नहीं हुआ है। अखबार का उद्देश्य संघ शक्ति का सार्वजनिक हित के बजाय निजी हित में लगातार हो रहे इस्तेमाल को संघ की नजर में लाना है, न कि संघ के क्रियाकलापों पर इस संबंध में कोई टीका टिप्पणी करनी है या की गई है।

इन पंक्तियों के लेखक ने दिवंगत पुरोधा कैलाशपति मिश्र , प्रो. निर्मल कुमार चटर्जी, स्व श्री केशरी, जैसे त्यागी और समाज के समर्पित संघ के लोगों के योगदान को नजदीक से देखा है और उनका आज भी सम्मान करता है। इसी तरह दिवंगत सांसद परमेश्वर कुमार अग्रवाल, धनबाद और मुंबई में उद्योग कारोबार संघ से जुडक़र डंके की चोट पर प्रतिकूल परिस्थितियों में चलाते रहे। शायद ही कोई कहे कि उन्होंने कभी संघ की शक्ति का निजी व्यापार हित में इस्तेमाल किया हो। इसी तरह स्व. मदन लाल अग्रवाल जी वनवासी शिक्षा केंद्र को लेकर धनबाद के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का अलख जगाने के लिये जाने जाते रहे। इन लोगों ने जमकर कारोबार भी फैलाया लेकिन कभी किसी का अहित नहीं किया बल्कि हमेशा धनबाद माफिया के विरोध में खड़े रहे।
आदित्यपुर के इस सफेदपोश माफिया ने अपने उक्त मैनेजर के जरिये कोशिश की है कि संघ के समक्ष ‘विक्टिम कार्ड’ खेलकर विषय को भटका दें। अखबार की ओर से यह स्पष्ट किया जाता है कि उसका उद्देश्य संघ को ऐसे स्वार्थी लोगों के चंगुल से मुक्त कराना है। इस व्यक्ति के बुरे कर्मों के प्रकाशन के चलते संघ का नाम आया और उससे उसकी भावना आहत हुई है तो हम फिर दुहरा रहे हैं कि हमारा वह उद्देश्य नहीं है। हमारा एकमात्र उद्देश्य इस सफेदपोश माफिया को बेनकाब करना है। जारी…..
