ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस में जारी सियासी घमासान के बीच संसद में नंबर गेम बदलने जा रहा है. इसमें 24 सीटों पर राज्यसभा चुनाव का भी असर देखने को मिलेगा, जहां सांसद निर्विरोध चुने गए हैं.
राज्यसभा चुनावों के मौजूदा दौर में एनडीए को दो-तिहाई सीटों के जादुई आंकड़े के करीब आने में मदद मिलेगी.
राज्यसभा में अभी टीएमसी के और सांसदों के इस्तीफे की संभावना है, ऐसे में माना जा रहा है कि एनडीए 163 का आंकड़ा हासिल कर सकती है. इस कारण उन्हें सभी संवैधानिक संशोधन बिल पास करने के लिए जरूरी संख्या बल मिल जाएगा. बता दें कि INDIA गठबंधन के पास अभी 64 सांसद हैं. 8 सांसदों वाली डीएमके और 3 सांसदों वाली आम आदमी पार्टी इस ग्रुप से अलग हो गई हैं.
ममता के 20 बागी सांसदों ने NCP में किया विलय
ममता बनर्जी को बड़ा झटका देते हुए बागी 20 सांसदों ने रविवार को नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में विलय की घोषणा कर दी. इसके अलावा स्पीकर ओम बिरला से मिलकर सदन में अलग बैठने की अनुमति के लिए भी लेटर सौंपा. काकोली घोष ने कहा कि अध्यक्ष से मिले इस समूह में 20 सदस्य हैं और उनकी संख्या सदन में पार्टी के सदस्यों की कुल संख्या के दो-तिहाई से अधिक है.
बागी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि बागी नेताओं ने NCP के साथ विलय किया है, यह एक राजनीतिक पार्टी है, एक मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय पार्टी है. असली तृणमूल कांग्रेस कौन है, यह अदालत में तय होगा. इससे पहले टीएमसी के बागी नेता दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मिले थे.
राज्यसभा में नंबर गेम
द्रमुक के 8 सांसदों के अलग होने और आम आदमी पार्टी के 3 सांसदों के इंडिया गठबंधन से दूर होने के बाद विपक्षी गठबंधन में अभी 64 सांसद हैं. इसके अलावा वाईएसआर कांग्रेस के पास 7 और बीजद के पास 6 सीटें हैं. ये दल राज्यसभा में किसी भी तरफ जा सकते हैं. ये दल किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं.
सूत्रों का कहना है कि 148 सांसदों के साथ एनडीए राज्यसभा चुनावों के मौजूदा दौर में झारखंड और मिजोरम में निर्दलीय सीटें जीत सकती है. यहां 3 सीटों पर 18 जून को चुनाव होंगे. टीएमसी के 4 राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे के बाद एनडीए उपचुनावों के बाद इन सीटों को भी जीत सकती है, जिसके बाद सदन में उनकी संख्या 154 हो जाएगी, जो कि दो तिहाई बहुमत से सिर्फ 9 कम है.
