एमटीएमसी के दीक्षांत समारोह में १३३ छात्रों को मेेडिकल की डिग्री
चिकित्सा पेशा नहीं बल्कि मानव सेवा का सर्वोच्च माध्यम: राज्यपाल
जमशेदपुर, १ जून (रिपोर्टर): झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का सर्वोच्च माध्यम है, उन्होंने कहा कि एक चिकित्सक के हाथों में केवल उपचार की क्षमता ही नहीं होती, बल्कि रोगियों को आशा, विश्वास व नया जीवन देने की शक्ति भी होती है. राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज आने वाले वर्षों में चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा व झारखंड सहित पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का केन्द्र बनेगा.
सोमवार को बारीडीह स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज का प्रथम दीक्षात समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, भारत सरकार के गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार पूर्व आईएएस विजय कुमार, माहे के कुलपति, एमटीएमसी के डीन समेत अन्य अतिथियों ने किया. कार्यक्रम की शुरूआत वंदे मातरम व राष्ट्रगान के साथ की गई. इस मौके पर राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह अवसर उनके वर्षों के परिश्रम, अनुशासन, समर्पण और सेवा-भाव का उत्सव है। उन्होंने कहा कि किसी भी चिकित्सा संस्थान का पहला दीक्षांत समारोह विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह केवल एक बैच की उपलब्धि नहीं बल्कि संस्थान की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और भविष्य की दिशा का प्रतीक होता है. उन्होंने कहा कि प्रथम बैच के छात्रों पर संस्थान की पहचान और प्रतिष्ठा स्थापित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है. कार्यक्रम की शुरूआत एमटीएमसी के डीन ब्रिगेडियर डा. बंधु ने अतिथियों का स्वागत किया और जबकि रजिस्ट्रार डा. गिरिधर किनी ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
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जमशेदपुर की देशभर में अपनी अलग पहचान
राज्यपाल ने कहा कि टाटा स्टील व मणिपाल एकेडेमी हायर एजुकेशन के संयुक्त प्रयास चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट समन्वय का प्रेरणादायी उदाहरण है. उन्होंने कहा कि जमशेदपुर केवल उद्योग नगरी के रूप में ही नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय मूल्यों की मजबूत कार्य-संस्कृति के लिए भी देशभर में पहचान रखता है.
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डॉक्टर सिर्फ उपचार नहीं बल्कि पीडि़त में करता आशा का संचार
राज्यपाल कहा कि झारखंड जैसे राज्य में, जहां बड़ी आबादी ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में निवास करती है, वहां गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में चिकित्सक को भगवान के समान माना गया है और चिकित्सा सेवा मानवता के प्रति समर्पण का संकल्प हैङ एक अच्छा डॉक्टर केवल शरीर का उपचार नहीं करता, बल्कि पीडि़त व्यक्ति के मन में विश्वास व आशा का संचार भी करता है.
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आधुनिक तकनीके चिकित्सा क्षेत्र को दे रही नई दिशा
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स और डिजिटल हेल्थकेयर जैसी आधुनिक तकनीकें चिकित्सा क्षेत्र को नई दिशा दे रही हैं. ऐसे में चिकित्सा संस्थानों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान, अनुसंधान क्षमता और नवाचार की सोच से सशक्त बनाएं. उन्होंने कहा कि प्रधानमेंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश च्विकसित भारत २०४७ज् के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है और स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हो रहे हैं. उन्होंने आयुष्मान भारत व नेशनल एजुकेशन पॉलिसी २०२० जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये पहल गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं.
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स्वास्थ्य मंत्री ऑनलाइन कार्यक्रम में जुटे, छात्रों को दी बधाई
दीक्षांत समारोह में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डा. इरफान अंसारी ऑनलाइन जुड़े. उन्होंने मेडिकल की डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र व छात्राओं को बधाई दी. समारोह के लिए कॉलेज प्रबंधन को भी बधाई दी. उन्होंने कहा कि आज से वे डॉक्टर की पेशा में आ गए हैं. वे भी पेशे से डॉक्टर है. स्वास्थ्य मंत्री से छात्रों से कहा कि जब भी कोई जरूरत महसूस हो तो उन्हें याद करें. उन्होंने कहा कि आज का दिन छात्रों के लिए उत्सव का दिन है ऐसे में वे आपस में मिल कर खुशी मनाएं. उन्होंने कहा कि हमारा काम मरीजों को केवल चिकित्सा उपचार देने तक सीमित नहीं है बल्कि हमारा कर्तव्य उनके अधिकारों के लिए खड़े होना, उनका विश्वास जीतना व संकट की घड़ी में उनके लिए एक सुरक्षित, गंभीर व सबल बनना भी है. यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप अपने मरीजों को यह भरोसा दिलाएं कि आपके इलाज से ठीक होकर बाहर निकलने के बाद उनके पास एक खुशहाल और स्वस्थ जीवन जीने का पूरा मौका है.
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मरीजों को बेहतर इलाज देने मे टीम वर्क की अहम भूमिका: विजय
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के वरीय सलाहकार पूर्व आईएएस विजय कुमार ने युवा डॉक्टरों से अपने इस पेशे को पूरे जुनून, ईमानदारी और जीवनभर कुछ नया सीखने के संकल्प के साथ अपनाने का आग्रह किया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वास्थ्य सेवा एक सामूहिक प्रयास है और मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिक्स और सपोर्ट स्टाफ के बीच टीम वर्क की भूमिका सबसे अहम होती है.
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एमटीएमसी शैक्षणिक विकास को बढ़ावा देने का प्रतिबद्ध:
माहे के कुलपति डा. शरथ के राव ने कहा कि एमटीएमसी चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में अपनी उत्कृष्ट प्रतिष्ठा के साथ एक मजबूत शैक्षणिक संस्थान के रूप में उभरा है. उन्हें पूरा विश्वास है कि हमारा यह पहला स्नातक बैच चिकित्सा के इस निरंतर बदलते क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए आवश्यक योग्यता, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों के साथ पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि हमारा निरंतर ध्यान ऐसे डॉक्टरों को तैयार करने पर है जो भारत और दुनिया भर में स्वास्थ्य सेवा में सार्थक योगदान दे सकें. हम अपने दीर्घकालिक दृष्टिकोण के तहत एमटीएमएस में अनुसंधान और शैक्षणिक विकास को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेंगे.
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पहले बैच का स्नातक होना अग्रणी साझेदारी की ताकत: सोमनाथ दास
इस मौके पर सोमना ने कहा किचिकित्सा शिक्षा में प्राइवेट-प्राइवेट कंसोर्टियम (निजी-निजी सहभागिता) को लेकर सरकार का जो नीतिगत दृष्टिकोण था, उसे एमटीएमसी में सफलतापूर्वक हकीकत में बदला गया है. पहले बैच का स्नातक होना इस अग्रणी साझेदारी की ताकत और समाज के लिए इसके दीर्घकालिक मूल्य का एक जीता-जागता प्रमाण है.
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शिक्षा, स्वास्थ्य व सामुदायिक विकास में आगे: रामम
टाटा स्टील के वाइस प्रेसीडेंट कॉरपोरेट सर्विसेज डी बी सुन्दर रामम ने कहा कि टाटा स्टील ने हमेशा समाज में सार्थक योगदान देने पर विश्वास किया है, और एमटीएमसी उस प्रतिबद्धता को बेहद प्रभावशाली तरीके से दर्शाता है. यह संस्थान इस क्षेत्र के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास में एक स्थायी निवेश की तरह है.
