पत्रिका “लकीर” स्मृति अंक और हिन्दी गजल संग्रह “समय के डंक झेलने आये” लोकार्पित
भोजपुरी-हिन्दी के यशस्वी कवि व साहित्यकार स्व.गंगा प्रसाद अरूण की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर आज गोलमुरी स्थित भोजपुरी भवन में एक ‘ स्मृति सभा सह पुस्तक लोकार्पण ‘ का आयोजन उनके सुपुत्र और भोजपुरी जन जागरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राजेश भोजपुरिया की देखरेख में हुआ। आयोजन की अध्यक्षता जमशेदपुर के वरिष्ठ कवि अरविंद विद्रोही ने की वही इसका संचालन उदय प्रताप हयात ने किया.
मंच पर आसीन थे अतिथि व वक्ता चंद्रेश्वर खां,वरिष्ठ कवि मनोकामना सिंह अजय,अरविंद विद्रोही।
स्मृति सभा की शुरुआत में साहित्यकार गंगा प्रसाद अरूण के तस्वीर पर पुष्प अर्पण कर उपस्थित लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की.
स्वागत के उदगार घातशिला से आई डॉ रजनी रंजन ने व्यक्त किया.
मुख्य वक्ताओं में चंद्रेश्वर खां,मनोकामना सिंह अजय,वरुण प्रभात,अशोक शुभदर्शी द्वारा उनके साथ बिताए पल और उनके व्यक्तित्व-कृतित्व पर विस्तार पूर्वक चर्चा की। साहित्यकार गंगा प्रसाद अरूण के बहुआयामी व्यक्तित्व पर उदगार व्यक्त करते हुए वक्ताओं ने माहौल को भावुक बना दिया। वक्ताओ ने कहा कि गंगा प्रसाद अरूण शहर के साहित्यिक हीरा थे। उनकी लेखनी,उनका साहित्य ही बोलता था। उनका जाना सही मायने में हम सबों को झकझोर गया।
अध्यक्षीय उदगार व्यक्त करते हुए अरविंद विद्रोही ने कहा कि गंगा प्रसाद अरूण अपने साहित्य,अपनी लेखनी से आगे भी बने रहेंगे।शहर के एक नायाब हीरा थे गंगा प्रसाद अरूण।
इस अवसर पर अनियतकालिन पत्रिका “लकीर” के अंक-11 साहित्यकार गंगा प्रसाद अरूण स्मृति अंक और गंगा प्रसाद अरूण रचित हिन्दी गजल-संग्रह “समय के डंक झेलने आये” का उपस्थित कवियों और गणमान्य अतिथियों द्वारा मंच से लोकार्पण किया गया।
इस स्मृति सभा सह पुस्तक लोकार्पण के अवसर पर मुखरूप में अरविंद विद्रोही,अशोक शुभदर्शी,वरुण प्रभात,मनोकामना सिंह अजय,उदय प्रताप हयात,राजेश भोजपुरिया,सोनी सुगंधा,डॉ रजनी रंजन, सुष्मिता पाठक,राजेंद्र राज साह,संजय पाठक सनेही,जितेश तिवारी,अमर कुमार सिंह,चंद्रभान सिंह,हरिहर राय चौहान,कृष्ण कुमार मिश्रा,कामेश्वर सिंह,राजेश कुमार सिंह,जन्मेजय पाण्डेय,सुनील कुमार सिंह,विजय कुमार सिंह,मिथिलेश तिवारी,विमल कुमार विमल,रमेश हंसमुख, राजीव श्रीवास्तव,अजय प्रजापति, जयशंकर दूबे,कुमार हार्दिक,सुरेश दूबे इत्यादि उपस्थित थे।
