नई दिल्ली: इस बार पश्चिम बंगाल की दुर्गा पूजा कुछ अलग अंदाज में होगी. सत्ता परिवर्तन के बाद पहली पूजा में भाजपा सरकार कई बदलाव कर रही है. आयोजन में पार्टी के बड़े नेता तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी भी रहेगी. इस बार बंगाल में रेड रोड कार्निवल नहीं होगा. उसकी जगह महालया पर 10 अक्टूबर को ईडन गार्डन में मेगा शो रखा गया है, जिसकी शुरुआत शाह के दौरे से होने की खबर है.
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा पहले भी सियासत का केंद्र था और इस बार भाजपा के शासन में भी सबकी नजर इस दुर्गा पूजा पर टिकी है. इस बार बंगाल में दुर्गा पूजा में भाजपा सरकार कई बदलाव कर इसे मेगा शो बनाने की तैयारी में है. इस बार हर बार की तरह कार्निवल नहीं मनाया जाएगा. पार्टी सूत्रों के मुताबिक इसकी जगह ईडन गार्डन में मेगा शो होगा.
इस बारे में हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आयोजकों से कहा भी था कि पिछले वर्षों का रेड रोड कार्निवल पूजा के नाम पर थोपा गया निर्णय था. यही वजह है कि भाजपा सरकार इसे बदलने की तैयारी कर रही है. बंगाल में यह आयोजन 2016 के आसपास शुरू हुआ था. विसर्जन से पहले चुनिंदा प्रतिमाओं का प्रदर्शन और यूनेस्को टैग से जुड़ा सरकारी-सांस्कृतिक मंच तृणमूल के शासनकाल की पहचान भी बनी थी.
नई सरकार पूजा की आधिकारिक शुरुआत देवी पक्ष के पहले दिन, यानी महालया से शुरू कर रही है. इसके तहत सूत्रों के मुताबिक राज्य का पर्यटन तथा सूचना एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग ईडन गार्डन में करीब चार घंटे का कार्यक्रम करेंगे. इसमें ड्रोन शो, आतिशबाजी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी. इसमें करीब छह हजार कलाकार, जिनमें लगभग तीन हजार ढाकी शामिल हैं, वो भी मंच पर होंगे. आकाश में ड्रोन से देवी के आगमन का दृश्य दिखाने की भी योजना है. इस मेगा शो की शुरुआत पार्टी सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे.
इसके अलावा सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्री पांच प्रमुख पूजा समितियों का वर्चुअल उद्घाटन भी करेंगे और कई समितियों के साथ संवाद भी करेंगे. हालांकि इस शो के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया गया है. उनसे रेड रोड से ईडन गार्डन तक रोड शो और चक्खुदान में शामिल होने के लिए राज्य की सरकार निमंत्रण भी दे रही है.
पार्टी सूत्रों की माने तो फिलहाल ये कार्यक्रम आधिकारिक नहीं किए गए हैं लेकिन राज्य की तरफ से ये कोशिश की जा रही हैं कि राज्य की बीजेपी सरकार की इस पहली पूजा पर गृह मंत्री अमित शाह और पीएम नरेंद्र मोदी, दोनों का मंच नई सरकार के लिए सांस्कृतिक आयोजन के साथ सत्ता परिवर्तन का सार्वजनिक संदेश बने.
सूत्रों के मुताबिक प्रदेश भाजपा प्रभारी और दो सह-प्रभारी को पंडालों से समन्वय के लिए राज्य में रहने को कहा गया है. हाल में पार्टी अध्यक्ष के साथ हुई बैठक में भी प्रभारियों के साथ इस पर चर्चा की गई थी. राज्य के एक बीजेपी नेता के मुताबिक गंगा के चार घाटों की सजावट, छह शहरों में सांस्कृतिक कार्यक्रम और दीघा में पंचमी के आसपास विशेष आयोजन की योजना है. बांकुड़ा, बिष्णुपुर, नंदीग्राम, सिलीगुड़ी, दुर्गापुर और बरहामपुर जैसे शहरों में भी इस विशिष्ट आयोजन को शामिल करने की योजना है.
इसके अलावा अष्टमी के दिन राज्य में ड्राई डे घोषित किया जाना, डीजे और सड़क पर अवरोध जैसे कार्यक्रमों से परहेज करने की भी हिदायत दी गई है. महाअष्टमी19 अक्टूबर को है. इस दिन पूरे राज्य में ड्राई डे रहेगा. सरकार में एक मंत्री का कहना है कि ये पुष्पांजलि के दिन की मर्यादा है. पूजा पंडालों और विसर्जन जुलूसों में डीजे को प्रतिबंधित करने की योजना है.
लोगों की दिक्कत से बचाने के लिए कोलकाता की 13 बड़ी सड़कों को बंद नहीं करने की बात भी कही गई है. इनमें रेड रोड, जेएल नेहरू रोड, स्ट्रैंड रोड, किडरपुर रोड, बर्दवान रोड, डीएल खान रोड, हॉस्पिटल रोड, कैथेड्रल रोड, निर्मल चंद्र स्ट्रीट, लेनिन सरणी, बीबी गांगुली स्ट्रीट, पार्क सर्कस कनेक्टर और प्रिंस अनवर शाह रोड शामिल हैं. इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग भी बाधित नहीं किए जायेंगे. इसके अलावा घाटों पर क्रेन से प्रतिमा उठाने पर भी रोक लगाई जाएगी, ताकि प्रतिमा की गरिमा बनी रहे.
आयोजकों से थीम, प्रतिमा या पंडाल से बचने को कहा गया है जिससे धार्मिक भावनाएं आहत ना हों या सनातन परंपरा कमजोर पड़ने का संदेश ना जाए. सरकार एक लाख रुपये तक की सहायता केवल उन छोटी समितियों को देगी जिन्हें बिना सरकारी राशि के सहायता के पूजा मुश्किल होती है. जबकि बड़े बजट वाली समितियों से मदद न लेने की भी अपील की गई है.
