मलेरिया पर काबू पाने के लिए जिला प्रशासन की बड़ी पहल, 20 गांवों में विशेष जांच एवं उपचार शिविर

 कुशल चिकित्सकों की टीम मैदान में, सिविल सर्जन की ग्रामीणों से झोलाछाप और झाड़-फूंक से बचने की अपील
पोटका: पोटका प्रखंड क्षेत्र में ब्रेन मलेरिया के बढ़ते प्रकोप पर नियंत्रण पाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया प्रभावित 20 गांवों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के नेतृत्व में विशेष जांच, उपचार एवं दवा वितरण शिविर आयोजित किए। शिविरों की निगरानी स्वयं सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय धावड़िया तथा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुकांत सीट सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रामगढ़, चाकड़ी, आमलाटोला, पुखुरिया, रंगामाटिया, झरिया, कुंदुरकोचा, देंगाम, टांगरायन, जामडीह, गंगाडीह, ग्वालकाटा, हितबासा, जुड़ी, कोवाली, नारदा, पोड़ा तेतला, छोटा आमदा, धातकीदिह और हरिणा सहित कई गांवों में विशेष शिविर लगाकर ग्रामीणों की मलेरिया जांच की, आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया तथा दवाओं का वितरण किया। इसके अलावा अन्य गांवों में भी स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार जांच और जागरूकता अभियान चला रही हैं।
सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने ग्रामीणों से अपील की कि अपने घरों के आसपास जलजमाव न होने दें। यदि किसी को बुखार या मलेरिया के लक्षण दिखाई दें तो झोलाछाप डॉक्टरों या झाड़-फूंक के भरोसे न रहें, बल्कि तुरंत स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों से संपर्क करें। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से भी ग्रामीणों को जागरूक करने में सहयोग की अपील की, ताकि पोटका को जल्द से जल्द मलेरिया मुक्त बनाया जा सके।

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