जमशेदपुर। टाटा समूह के वरिष्ठ उद्योगपति और टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा इस वर्ष नवंबर में 70 वर्ष की आयु पूरी करने के साथ ही समूह की कई प्रमुख सूचीबद्ध एवं गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के निदेशक मंडलों से अलग हो जाएंगे। यह कदम टाटा समूह की आंतरिक कॉरपोरेट गवर्नेंस नीति के अनुरूप उठाया जा रहा है, जिसमें गैर-कार्यकारी निदेशकों के लिए सेवानिवृत्ति की आयु 70 वर्ष निर्धारित है।
नोएल टाटा पहले ही 65 वर्ष की आयु में समूह की कार्यकारी जिम्मेदारियों से अलग हो चुके थे। अब नवंबर 2026 में 70 वर्ष पूरे होने के बाद वे विभिन्न कंपनियों के बोर्ड में अपनी भूमिकाएं छोड़ देंगे।
छह प्रमुख कंपनियों के बोर्ड पर पड़ेगा असर
नोएल टाटा वर्तमान में टाटा समूह की छह महत्वपूर्ण कंपनियों में शीर्ष गैर-कार्यकारी पदों पर हैं। इनमें ट्रेंट लिमिटेड, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन, वोल्टास और टाटा इंटरनेशनल के चेयरमैन, जबकि टाइटन कंपनी और टाटा स्टील के वाइस चेयरमैन के रूप में कार्यरत हैं।
हाल ही में ट्रेंट लिमिटेड की वार्षिक आमसभा (एजीएम) में उन्होंने संकेत दिया कि चेयरमैन के रूप में यह उनका अंतिम एजीएम होगा। इसके बाद कंपनी में नए नेतृत्व को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
टाटा ट्रस्ट्स में बनी रहेगी अहम भूमिका
हालांकि नोएल टाटा परिचालन कंपनियों के बोर्ड से हटेंगे, लेकिन टाटा समूह में उनका प्रभाव और रणनीतिक भूमिका बनी रहेगी। वे टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन पद पर बने रहेंगे। टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस में लगभग 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है और समूह की दीर्घकालिक रणनीति तय करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
टाटा ट्रस्ट्स के नियमों में ट्रस्टी या चेयरमैन के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है। ऐसे में नोएल टाटा ट्रस्ट्स के माध्यम से समूह के मार्गदर्शन और नीति निर्धारण में सक्रिय बने रहेंगे।
टाटा संस बोर्ड में भी जारी रहेगी मौजूदगी
जानकारों के अनुसार नोएल टाटा टाटा ट्रस्ट्स के नामित निदेशक के रूप में टाटा संस के बोर्ड में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे। इससे समूह के शीर्ष स्तर पर उनकी रणनीतिक भागीदारी और निगरानी जारी रहेगी।
टाटा समूह में यह बदलाव उत्तराधिकार योजना और नेतृत्व परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उद्योग जगत की नजर अब उन नेताओं पर टिकी है, जो नोएल टाटा के स्थान पर विभिन्न कंपनियों के बोर्ड में नई जिम्मेदारियां संभालेंगे।
