छह थाना क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन और पांच से अधिक लोगों के जुटने पर रोक
जमशेदपुर : बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार एंड रेस्टोरेंट में हाल ही में हुई हिंसक घटना के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से धालभूम अनुमंडल प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. अनुमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) अर्नव मिश्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करते हुए साकची, बिष्टुपुर, सोनारी, कदमा, एमजीएम और मानगो थाना क्षेत्रों में कई तरह की गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. इस बीच आज तड़के हिमांशु केशव का एमजीएम में पोस्टमार्टम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराया गया परिवार के लोग इसमें शामिल नहीं हुए उनकी अनुमति और जानकारी के बगैर ही पोस्टमार्टम कराया गया है परिवार के लोग अंतिम संस्कार के लिए राजी नहीं है
एसडीएम द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि प्रशासन को सूचना मिली है कि डबल डाउन बार एंड रेस्टोरेंट की घटना को लेकर विभिन्न संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन, रोड जाम, जनसभा और जुलूस निकाले जाने की संभावना है. इससे क्षेत्र में लोक शांति और विधि-व्यवस्था भंग होने की आशंका को देखते हुए यह आदेश जारी किया गया है.
आदेश के तहत प्रमुख प्रतिबंध इस प्रकार हैं:
1. किसी भी प्रकार का धरना, प्रदर्शन, घेराव और पुतला दहन प्रतिबंधित रहेगा.
2. अस्त्र-शस्त्र, लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा, भाला या अन्य घातक हथियार लेकर चलने पर रोक रहेगी.
3. सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना ध्वनि विस्तारक यंत्र (लाउडस्पीकर) का उपयोग नहीं किया जा सकेगा.
4. उपद्रव या शांति भंग करने की आशंका वाले स्थानों पर पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा.
हालांकि, ड्यूटी पर तैनात दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, चिकित्साकर्मी और मीडियाकर्मी इस आदेश से मुक्त रहेंगे. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित व्यक्तियों को तत्काल नोटिस तामील कराना संभव नहीं होने के कारण यह आदेश एकपक्षीय (Ex-parte) रूप से पारित किया गया है. यह निषेधाज्ञा 1 जुलाई, 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी. प्रशासन ने लोगों से शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने तथा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
