हरिणा गांव में मलेरिया रोकथाम अभियान के दौरान सामने आई समर्पण की प्रेरक मिसाल,
पोटका. पोटका प्रखंड के मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार लोगों की जांच, दवा वितरण और जागरूकता अभियान चला रही हैं। इसी बीच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पोटका की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) निरूपमा कुमारी अपने डेढ़ साल के बेटे को सीने से बांधकर मलेरिया प्रभावित गांवों में लगातार स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं। उनकी यह तस्वीर मातृत्व और कर्तव्यनिष्ठा का प्रेरक उदाहरण बन गई है।
पिछले पांच वर्षों से पोटका सीएचसी में कार्यरत निरूपमा कुमारी को इन दिनों हरिणा गांव और आसपास के मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। परिवार से दूर रहते हुए वह अपने छोटे बेटे को साथ लेकर घर-घर पहुंच रही हैं, लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही हैं और मलेरिया से बचाव के प्रति जागरूक भी कर रही हैं।
निरूपमा कुमारी ने बताया कि वह मूल रूप से रांची की रहने वाली हैं। उनकी सात वर्ष की बेटी रांची में पढ़ाई करती है, जबकि डेढ़ साल का बेटा उनके साथ पोटका में रहता है। बच्चे की देखभाल के साथ-साथ वह अपनी ड्यूटी भी पूरी जिम्मेदारी से निभा रही हैं।
विधायक ने बढ़ाया हौसला
मलेरिया प्रभावित गांवों के निरीक्षण के दौरान पोटका के विधायक संजीव सरदार ने निरूपमा कुमारी के सेवा भाव और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मठ और जिम्मेदार स्वास्थ्यकर्मी समाज के लिए प्रेरणा हैं। विधायक ने संबंधित अधिकारियों से उनके प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाने तथा परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक सहयोग देने का भी आग्रह किया।
मातृत्व और कर्तव्य का अद्भुत संगम
डेढ़ साल के बेटे को साथ लेकर कठिन परिस्थितियों में ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देना आसान नहीं है। इसके बावजूद निरूपमा कुमारी पूरे समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। उनका यह जज़्बा न केवल स्वास्थ्य विभाग के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।
