पश्चिम बंगाल के कोलकाता में नाबालिग लड़के और उसके पिता को कथित तौर पर निर्वस्त्र कर सड़क पर घुमाने के मामले में पुलिस ने आरोपियों के साथ घटना का रीक्रिएशन कराया। पुलिस ने गिरफ्तार तीन आरोपियों को अंडरवियर में सड़क पर चलाया। इस दौरान पुलिसकर्मी उनके साथ मौजूद रहे। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें आरोपियों की कमर में रस्सियां बंधी दिखाई दे रही हैं और लोग उनके वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं।
दरअसल, यह मामला एक नाबालिग लड़के और 13 साल की लड़की से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, रविवार को लड़का अपने एक दोस्त के साथ लड़की से मिलने पहुंचा था। इसी दौरान लड़की के चाचा ने कथित तौर पर दोनों को किस करते हुए देख लिया। इसके बाद उन्होंने लड़की के पिता और चाचा को इसकी जानकारी दी।
लड़के और उसके पिता को निर्वस्त्र कर घुमाने का आरोप
आरोप है कि लड़की के पिता और चाचा मौके पर पहुंचे और लड़के व उसके दोस्तों को जबरन अपने घर ले गए। वहां उन्होंने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। इसके बाद 18 वर्षीय लड़के से उसके पिता को भी वहां बुलाने के लिए कहा गया।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, जब लड़के के पिता वहां पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई। आरोप है कि आरोपियों ने तीनों को कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया और ऐसा नहीं करने पर गोली मारने की धमकी दी। इसके बाद लड़के, उसके पिता और उसके दोस्त को घर के बाहर की गली में करीब 50 मीटर तक निर्वस्त्र चलने के लिए मजबूर किया गया।
शिकायत के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
लड़के के पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इनमें हत्या की कोशिश, जानबूझकर चोट पहुंचाना, गलत तरीके से बंधक बनाना, आपराधिक धमकी देना और अपहरण जैसे आरोप शामिल हैं।
पुलिस ने सोमवार को लड़की के माता-पिता और उसके परिवार के अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को सड़क पर अंडरवियर में चलवाकर मामले से जुड़ी घटना का रीक्रिएशन कराया।
वीडियो वायरल होने के बाद लड़की के घर पर तोड़फोड़ की कोशिश
लड़के, उसके पिता और दोस्त को कथित तौर पर निर्वस्त्र घुमाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने लड़की के घर में तोड़फोड़ करने की कोशिश भी की।इस घटना ने इलाके में तनाव की स्थिति पैदा कर दी।
पश्चिम बंगाल की नगर मामलों और शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने भी पहले इस मामले पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि आरोपियों की राजनीतिक कनेक्शन उनके लिए बचाव का आधार नहीं बनेगी।
