पटमदा: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) में इस बार पटमदा प्रखंड के कुमीर गांव से 55 विद्यार्थी शामिल होंगे। शिक्षक प्रबोध कुमार महतो ने बताया कि एक ही गांव से इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होना निश्चित रूप से गर्व की बात है। यह गांव में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता, लगन और बेहतर भविष्य के प्रति युवाओं की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
*शिक्षा के क्षेत्र में कुमीर गांव की विशिष्ट पहचान*
कुमीर गांव ने शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। वर्तमान में इस गांव के लगभग 25 लोग विभिन्न सरकारी पदों पर कार्यरत हैं। इनमें प्राथमिक एवं उच्च विद्यालयों के शिक्षक, केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक, पुलिसकर्मी, नर्स, डाक विभाग के कर्मचारी, प्रोफेसर सहित विभिन्न विभागों में कार्यरत सरकारी कर्मी शामिल हैं। गांव के युवाओं की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
*स्वतंत्रता आंदोलन में भी रहा है ऐतिहासिक योगदान*
कुमीर गांव का इतिहास केवल शिक्षा और रोजगार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन में भी इस गांव का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लक्ष्मण महतो ने अंग्रेजों से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। वहीं, गांव के कई स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया और हजारीबाग सेंट्रल जेल भी गए थे। इस प्रकार कुमीर गांव स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।
*झारखंड आंदोलन और राजनीतिक क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान*
झारखंड आंदोलन की बात करें तो कुमीर गांव से दर्जनों आंदोलनकारी जुड़े रहे हैं, जिन्होंने अलग झारखंड राज्य के निर्माण के लिए संघर्ष किया।
वहीं, राजनीतिक क्षेत्र में भी इस गांव की अपनी विशिष्ट पहचान रही है। स्वर्गीय घनश्याम महतो तीन बार मंत्री रह चुके थे। इसके अलावा, पहले आम चुनाव से लेकर वर्तमान समय तक गांव के लोग विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़कर प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियों में प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं।
इस बार जेटेट परीक्षा में शामिल होने वाले कुमीर गांव के सभी 55 परीक्षार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं।
आशा है कि सभी परीक्षार्थी सफलता प्राप्त कर शिक्षक बनेंगे और शिक्षा के माध्यम से समाज के सर्वांगीण विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे। वे न केवल बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेंगे, बल्कि एक शिक्षित, जागरूक, संस्कारित एवं सुंदर समाज के निर्माण में भी अपनी अहम भूमिका निभाएंगे।
कुमीर गांव की यह उपलब्धि निश्चित रूप से पूरे पटमदा क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।
