नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह.. ‘केवल डिग्री काफी नहीं, समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें युवा’ : राज्यपाल

​जमशेदपुर: नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के आयोजित दीक्षांत समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उपाधि व पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह जीवन की एक नई यात्रा का प्रारंभ है। आज छात्र केवल डिग्री लेकर नहीं जा रहे हैं, बल्कि अपने साथ ज्ञान, उत्तरदायित्व, नैतिक मूल्य और समाज के प्रति कर्तव्य बोध भी लेकर जा रहे हैं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन, कुलपति डॉ. प्रभात कुमार पाणी, मुजीब अशरफ, नागेंद्र कुमार सहित कई प्रमुख शिक्षाविद, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
​नेताजी के आदर्शों को जीवन में उतारें युवा
​अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का नाम देश के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर रखा गया है। नेताजी अदम्य साहस, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और दूरदर्शी नेतृत्व के प्रतीक थे। उनका आह्वान “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” आज भी देशभक्ति और त्याग की प्रेरणा देता है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे नेताजी के आदर्शों, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास को अपने जीवन में आत्मसात करें।
​झारखंड में प्रतिभा की कमी नहीं, आवश्यकता सही अवसर की
​झारखंड की युवा शक्ति और सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य प्राकृतिक संसाधनों और समृद्ध जनजातीय व सांस्कृतिक विरासत से संपन्न है। यहाँ के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और उचित अवसर उपलब्ध कराने की है।
​नई शिक्षा नीति (NEP 2020) और नवाचार पर बल
​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह नीति भारतीय शिक्षा व्यवस्था को एक नई दिशा दे रही है। आज का युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और अनुसंधान का युग है। इसलिए विश्वविद्यालयों को ज्ञान के साथ-साथ शोध, उद्यमिता और उद्योगों के साथ समन्वय को बढ़ावा देना होगा। छात्रों को केवल रोजगार पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला (Job Creator) बनना चाहिए।
​विश्वविद्यालय परिसर को नशामुक्त बनाने का आह्वान
​प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए ‘नशामुक्त युवा – विकसित भारत’ अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय परिसर को पूर्णतः ड्रग्स एवं नशामुक्त रखने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य को नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की शक्ति को भी कमजोर करता है।
​अंत में उन्होंने सभी स्नातक छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और शिक्षकों से छात्रों के लिए केवल अध्यापक ही नहीं, बल्कि मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत बनने का आग्रह किया।

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