छात्रों से माफी मांगें PM मोदी, मीडिया के सामने राहुल गांधी ने रखीं तीन मांगें

‘मेरे मुंह से खून निकल रहा था…’, राहुल गांधी ने बताया धरने से उठाने के दौरान उनके साथ क्या हुआ

नई दिल्ली एक दिन पहले प्रधानमंत्री आवास 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरना देने वाले कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आज (बुधवार, 22 जुलाई को) दूसरे दिन लगातार केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला है और NEET पेपर लीक मामले और प्रदर्शनकारी छात्रों पर राजधानी नई दिल्ली में हुए लाठीचार्ज पर सरकार को घेरा। कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने तीन मांगें रखी हैं।

राहुल गांधी ने साफ लहजे में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे प्रकरण में माफी मांगें और देश से कहें कि उनसे गलती हुई है। इसके अलावा उन्होंने दूसरी मांग के तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। तीसरी मांग रखते हुए गांधी ने कहा कि सोमवार को जिन लोगों ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर बर्बरता की है, उनपर कार्रवाई हो। इस दौरान राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई की जमकर निंदा की और कहा कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही और सुधार की मांग कर रहे छात्रों के प्रति समर्थन दोहराते हैं।

राहुल गांधी ने इस दौरान बताया कि बीते दिन जब पुलिस उन्हें हिरासत में लेने आई तब उनके मुंह से खून निकल रहा था.

उन्होंने कहा, “मैं छात्र आंदोलन को पूरा सपोर्ट कर रहा हूं. कल मेरे मुंह से खून निकल रहा था. लेकिन चर्चा का विषय ये है कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा हो. इसके अलावा जो नीट पेपर लीक में शामिल हो उसे सजा मिले और तीसरा डिमांड है कि प्रधानमंत्री माफी मांगें.”

‘मुझे तो इसकी आदत है’

चहेरे पर चोट लगने के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा, ” मुझे तो इसकी आदत है. मुझे इसका बहुत फर्क नहीं पड़ता है. ये छोटी कीमत है. ये मेरे लिए गर्व की बात है. अपने लोगों के चोट खाना मेरे लिए गर्व की बात है. अगर ऐसा है तो चार-पांच और पंच खा सकता हूं.”

कांग्रेस नेता ने कहा, “जब पुलिस वाले मुझे घसीटकर ले जा रहे थे तब उन्होंने कहा कि इस सरकार को हटाइए. ये सच है. एक ने कहा मैं राजस्थान का हूं इनको हटाइए. मैं बस वर्दी पहने हूं. एक ने कहा कि मैं हरियाणा का हूं. पुलिस भी सरकार से खुश नहीं है. वो अपने बच्चों को इसके बीच में देखते होंगे. ”

हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था को तबाह कर दिया गया है।

⦿ 152 पेपर लीक हुए
⦿ 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए
⦿ किसी एक को भी सजा नहीं मिली

यही कारण है कि देश के लाखों छात्र विरोध प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे हैं।

10 वर्षों में देश में प्रश्न-पत्र लीक की 152 घटनाएं

राहुल ने केंद्र सरकार खासकर शिक्षा मंत्री की विफलताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में देश में प्रश्न-पत्र लीक की 152 घटनाएं हुईं,लेकिन इनमें से एक मामले में भी सजा क्यों नहीं हुई। राहुल गांधी ने कहा कि देश में पेपर लीक की समस्या अब बहुत गंभीर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि छात्र पहले से ही भारी तनाव से गुजरते हैं, कई बच्चे आत्महत्या तक कर चुके हैं। छात्र और उनके परिवार मेहनत की कमाई परीक्षा और शिक्षा पर खर्च करते हैं, लेकिन परीक्षा से ठीक पहले उन्हें पता चलता है कि पेपर लीक हो गया है।

परीक्षा प्रणाली को नए सिरे से तैयार करें

राहुल गांधी ने कहा कि यह केवल एक पेपर लीक की घटना नहीं है, बल्कि देश के लाखों युवाओं के भविष्य की सीधी चोरी है। उन्होंने देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि इसे पूरी तरह से “वसूली का सिस्टम” बना दिया गया है। इसके साथ ही राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि इस पूरे परीक्षा संकट और छात्रों की पिटाई पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप क्यों हैं? उन्होंने पीएम से छात्रों से माफी मांगने और इस मामले पर अपनी बात रखने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश के छात्रों को तनाव के बजाय सुरक्षा का भरोसा मिलना चाहिए। इसके लिए मौजूदा परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से नए सिरे से तैयार करने की जरूरत है ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

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