ूजमशेदपुर : शहर में साइबर ठगी का नेटवर्क लगातार सक्रिया होता जा रहा है. पिछले कुछ दिनों में शहर के कई उद्यमियों व व्यापारियों के मोबाइल फोन ‘हैक’ किए जाने के मामले सामने आए हैं. साइबर ठग मोबाइल ‘हैक’ करने के बाद परिचित बनकर उनके परिजनों को संदेश भेज रहे हैं व जरूरी काम का हवाला देकर हजारों रुपये की मांग कर रहे हैं. लगातार सामने आ रहे मामलों से साइबर थाना पुलिस की भी परेशानी बढ़ गई है.
जानकारी के अनुसार पिछले करीब 6-7 दिनों में चैम्बर से जुड़े कई सदस्यों के मोबाइल ‘हैक’ होने की घटनाएं सामने आयी हैं. कुछ दिन पहले नेशनल हाईवे स्थित रिवाह होटल के मालिक राजेश जैसुका का मोबाइल ‘हैक’ किए जाने की बात सामने आयी थी. इसके बाद उद्यमी आनंद चौधरी व दो दिन पहले जुगसलाई के कपड़ा कारोबारी कमल जैन के मोबाइल को साइबर ठगों ने निशाना बनाया.
शनिवार को पिछले दिनों मेरीन ड्राइव में सडक़ दुर्घटना में मृतक छात्र सार्थक अग्रवाल के पिता अधिवक्ता चेतन अग्रवाल के मोबाइल को भी साइबर ठगों के ‘हैक’ किए जाने की जानकारी सामने आयी, हालांकि व्यापारियों व उद्यमियों की सतर्कता के कारण साइबर ठग कई मामलों में अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके. इसके बावजूद कुछ लोगों को 15 से 20 हजार रुपये तक का नुकसान पहुंचाए जाने की भी जानकारी है.
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पार्सल के नाम पर ओटीपी भेजकर ठगी का प्रयास
साइबर ठग लोगों को प्रतिष्ठित कोरियर से पार्सल आने की बात कहकर मोबाइल पर ओटीपी भेज रहे हैं. इसके बाद पार्सल लेकर डिलीवरी ब्यॉय के खड़े होने की जानकारी देकर भी लोगों को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है. ठग पहले मोबाइल या सोशल मीडिया अकाउंट पर कब्जा करने के बाद उसके संपर्कों को निशाना बना रहे हैं.
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यूपीआई सर्वर डाउन होने का बना रहे बहाना
मोबाइल हैक करने के बाद साइबर ठग परिचित बनकर 55 से 65 हजार रुपये तक की रकम मांग रहे हैं. वे कॉल या मैसेज कर उनका यूपीआई सर्वर डाउन है और उन्हें तत्काल जरूरी काम के लिए पैसे चाहिए. साथ ही एक-दो घंटे में रकम वापस करने का भरोसा दिला कर ठकी का प्रयास कर रहे हैं. लोग परिचित के नंबर से संदेश आने के कारण कई लोग आसानी से भरोसा कर सकते हैं. लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए व्यापारियों और उद्यमियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. किसी परिचित के नंबर से अचानक पैसे की मांग होने पर फोन कर इसकी पुष्टि करने, अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, ओटीपी साझा नहीं करने व संदिग्ध गतिविधि की तत्काल साइबर पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई है.
