RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने वाले आरोपी का पुलिस मुठभेड़ में हाफ एनकाउंटर,पुलिस ने पैर पर मारी गोली

 

रांची (RANCHI): राजधानी रांची में आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के आरोप में गिरफ्तार एक आरोपी पुलिस हिरासत से फरार हो गया, जिसके बाद पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई. इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी गोली लगने से घायल हो गया. उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

जानकारी के अनुसार, आरोपी को पेट्रोल बम हमले के मामले में गिरफ्तार कर पुलिस हाजत में रखा गया था. गुरुवार दोपहर वह किसी तरह पुलिस हिरासत से भाग निकला. आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस टीम ने उसका पीछा शुरू किया और मांडर क्षेत्र तक पहुंच गई. पुलिस के मुताबिक, जब उसे पकड़ने की कोशिश की गई तो उसने एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और फायरिंग शुरू कर दी. स्थिति को देखते हुए पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई. घायल अवस्था में उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. सूत्रों के मुताबिक, CCTV फुटेज में आरोपी अमन अंसारी पेट्रोल बम फेंकते हुए दिखाई दे रहा है. जांच में यह भी पता चला है कि दुबई की जेल में रहने के दौरान अमन अंसारी की मुलाकात पाकिस्तान से जुड़े ऑपरेटिव्स से हुई थी और बाद में वह सीधे हैंडलर्स के संपर्क में आ गया था.

CCTV में पेट्रोल बम फेंकता दिखा अमन अंसारी
सूत्रों के अनुसार, RSS दफ्तर पर हमले के मामले में गिरफ्तार अमन अंसारी की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है. CCTV फुटेज में वह पेट्रोल बम फेंकते हुए दिखाई दे रहा है. जांच में सामने आया है कि अमन अंसारी कुछ समय तक दुबई में रहा था और एक मामले में वहां की जेल में भी बंद रहा था. इसी दौरान वह पाकिस्तान से जुड़े ऑपरेटिव्स के संपर्क में आया और बाद में सीधे हैंडलर्स से जुड़ गया. एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसे किस तरह निर्देश दिए गए और उसके संपर्क किन-किन लोगों से थे.इस मामले में पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें एक आरोपी रांची का रहने वाला है, जबकि दो आरोपी लोहरदगा जिले के निवासी हैं. शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. जांच एजेंसियां इस हमले के पीछे बड़े नेटवर्क की आशंका जता रही हैं.

गौरतलब है कि यह मामला मंगलवार रात का है, जब बाइक सवार दो अज्ञात युवकों ने रांची के निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय को निशाना बनाते हुए जलता हुआ पेट्रोल बम फेंका था. घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे. संवेदनशील मामले को देखते हुए रांची पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर सिटी एसपी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया.

जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें दोनों संदिग्धों की गतिविधियां कैद मिलीं. तकनीकी और खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को रांची से भागने के दौरान गिरफ्तार कर लिया था. अब हाजत से फरार होने और मुठभेड़ की घटना के बाद यह मामला और भी गंभीर हो गया है. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और हमले के पीछे की मंशा की जांच में जुटी हुई है.

पुलिस ने बुधवार को दो आरोपियों को तो गुरुवार को तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। गिरफ्तारी के दौरान एक आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर निकलकर भागने की कोशिश में सफल रहा मगर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे दोबारा दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपी भाग निकला था

रांची सिटी एसपी पारस राणा ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी के फरार होने और फिर से पकड़े जाने के घटनाक्रम की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि ‘आरएसएस कार्यालय के बाहर पेट्रोल बम फेंकने के मामले में पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आज सुबह 11.30 बजे सैफ नाम का आरोपी बॉथरूम की खिड़की तोड़कर भागने में कामयाब रहा।’

उन्होंने आगे बताया ‘इसके बाद सभी थाना प्रभारी को अलर्ट किया गया और आखिरकार ये पाया गया कि भागने के बाद आरोपी अपने घर लोहरदगा जाने वाली बस में बैठा हुआ था। और फिर जब उसे दोबारा गिरफ्तार कर लाया जा रहा था तो उनसे फिर से भागने की कोशिश की। इसबार उसने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की और वह रुका नहीं तो जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। आरोपी को ईलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। वहीं अन्य दो आरोपी से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है।’

आरोपियों ने RSS दफ्तर को निशाना बनाते हुए दो पेट्रोल बम फेंके थे. एक पेट्रोल बम दफ्तर की छत पर जाकर गिरा, जबकि दूसरा बम गेट के बाहर बरामद हुआ. जांच में पता चला है कि गेट के बाहर मिले बम को वारदात से ठीक पहले असेंबल किया गया था. पुलिस के अनुसार, आरोपी पेट्रोल बम बनाने में पूरी तरह माहिर नहीं थे और वे इसे बनाना सीख रहे थे.

जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपियों को सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क कर भर्ती किया गया था. गिरफ्तार किए गए युवकों की उम्र लगभग 20 से 22 साल के बीच है. एजेंसियों को शक है कि युवाओं को कट्टरपंथी नेटवर्क के जरिए प्रभावित किया गया. सोशल मीडिया पर मौजूद कुछ संदिग्ध संपर्कों की भी जांच की जा रही है. इस पूरे मामले को लेकर कई डिजिटल सबूत खंगाले जा रहे हैं.

पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपियों ने हमले से पहले RSS दफ्तर की रेकी की थी. उन्होंने इलाके का वीडियो भी बनाया था और उसके बाद पूरी योजना के साथ वारदात को अंजाम दिया. माना जा रहा है कि हमले की तैयारी पहले से की गई थी. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों को रेकी और हमले के लिए किसने निर्देश दिए थे. इस संबंध में कई स्थानों पर छापेमारी जारी है.

गिरफ्तार आरोपियों में से एक युवक करीब छह महीने तक दुबई में रह चुका है. वह वहां एक आपराधिक मामले में जेल भी जा चुका था. जांच में सामने आया है कि दुबई में रहने के दौरान उसके संपर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े लोगों से हुए थे. इसी कड़ी को अब जांच एजेंसियां गंभीरता से खंगाल रही हैं. झारखंड से जुड़े कुछ और संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है.

जांच एजेंसियों को इस हमले के पीछे पाकिस्तानी माफिया डॉन शहजाद भट्टी और ISI मॉड्यूल की भूमिका होने का शक है. शुरुआती जांच में कुछ ऐसे इनपुट मिले हैं, जिनके आधार पर इस दिशा में जांच आगे बढ़ाई जा रही है. हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है. एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही हैं. लगातार छापेमारी और पूछताछ का दौर जारी है.

सूत्रों के मुताबिक, ‘राणा साहब’ नाम के एक कथित हैंडलर ने आरोपियों को पेट्रोल बम बनाने का वीडियो भेजा था. इसी वीडियो को देखकर आरोपियों ने बम तैयार करने की कोशिश की थी. जांच में यह भी पता चला है कि वे इस तरह के बम बनाने में पूरी तरह प्रशिक्षित नहीं थे. यही वजह रही कि एक पेट्रोल बम गेट के बाहर ही बरामद हो गया. एजेंसियां अब इस हैंडलर की पहचान और लोकेशन का पता लगाने में जुटी हैं.

जांच के दौरान शहजाद भट्टी के नेटवर्क के तार झारखंड से भी जुड़े पाए गए हैं.

एफआईआर दर्ज

पुलिस की एक टीम हमले के बाद मंगलवार रात आरएसएस दफ्तर पहुंची थी। इस दौरान पुलिस ने वहां पड़ी बोतल के टुकड़े और पलीता जब्त कर लिया। दफ्तर में लगे सीसीटीवी कैमरा में आरोपी नजर आए थे। वहीं एनआईए की टीम भी जांच करने के लिए मंगलवार रात ही पहुंच गई थी। आरोपियों के खिलाफ चुटिया थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई है और भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई धाराएं लगाई गई हैं। इसके साथ ही विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 और यूएपीए 1967 की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने ‘झामुमो’ को घेरा

बीजेपी के सीनियर नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने हमले की कड़ी निंदा की है और इस घटना को झारखंड मुक्ति मोर्चा ‘झामुमो’ के नेतृत्व वाली सरकार की ‘वोट बैंक और तुष्टीकरण नीति’ का नतीजा करार दिया है।

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