पश्चिम एशिया के जलक्षेत्र खासकर होर्मुज स्ट्रेट और ओमान की खाड़ी पिछले तीन दिनों में भारतीय नाविकों के लिए काफी खतरनाक हो गए हैं. अमेरिका ने यहां दादागीरी करते हुए 72 घंटे में तीन ऐसे जहाजों पर हमला किया है जिस पर भारतीय नाविक सवार थे. 10 जून को हुए एक हमले में तो तीन भारतीय नागरिकों की जान चली गई.
अभी भी सैकड़ों भारतीय सैलर्स इस वक्त इस खतरनाक पानी में फंसे हुए हैं, जहां हर गुजरता जहाज मिसाइल या ड्रोन का निशाना बन सकता है. पिछले कुछ हफ्तों से ईरान ने होर्मुज को “सख्त नियंत्रण” में ले लिया है, जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक ब्लॉकेड लगा दिया है.
इसके तहत अमेरिका यहां से गुजरने वाले जहाजों पर मनमानी हमले कर रहा है.
72 घंटे में तीन हमले
पहला हमला 8 जून को ओमान के दक्षिण-पूर्वी तट पर हुआ. यहां अमेरिकी नेवी ने अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित टैंकर ‘मैरीवेक्स’ पर मिसाइल से हमला किया. इस जहाज के क्रू मेंबर में 24 भारतीय थे. गनीमत ये रही कि इस हमले में किसी भारतीय की जान नहीं गई. US CENTCOM के मुताबिक, जहाज ईरानी बंदरगाह की ओर जा रहा था और चेतावनी के बावजूद रुकने से इनकार कर दिया. हमले में जहाज की इंजीनियरिंग और स्टीयरिंग सिस्टम क्षतिग्रस्त हो गए और इसमें आग लग गई.
9-10 जून को अमेरिकी नेवी ने फिर से मनमानी की. अमेरिका ने ओमान तट के पास MT Settebello नाम के ऑयल टैंकर पर हमला किया. इस जहाज पर 24 इंडियन क्रू के सदस्य मौजूद थे. इनमें से 21 को बचा लिया गया, लेकिन तीन भारतीय नाविक लापता हो गए. बाद में भारत सरकार ने इन तीनों नाविकों के मौत की पुष्टि की है.
हालांकि अमेरिकी नेवी के पास इस जहाज पर हमला करने के बजाय इसे कब्जे में भी लेने का विकल्प था. अमेरिका क्रू मेंबर्स को अरेस्ट भी कर सकता था. लेकिन यूएस नेवी ने दादागीरी करते हुए सीधे इस पर हमला कर दिया.
इस बीच 11 जून यानी गुरुवार को MT Jalveer नाम के एक और भारतीय क्रू वाले जहाज से जुड़ी समुद्री सुरक्षा घटना सामने आई भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि ओमान के निकट एक जहाज संकट में फंस गया है और भारतीय चालक दल को निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई है.
बाद में रिपोर्ट आई कि इस जहाज पर 21 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे. हालांकि इस हमले में इन्हें किसी तरह की चोट नहीं आई है. और सभी क्रू मेंबर्स का रेस्क्यू कर लिया गया है. यह तीन दिनों में तीसरी ऐसी घटना है जिसने भारत की चिंता बढ़ा दी है.
