कल पेपर लीक बिल पर चर्चा और वोटिंग, बोल सकते हैं राहुल गांधी

लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही  कल तक के लिए स्थगित

लोकसभा के बाद राज्यसभा भी कल तक के लिए स्थगित हो गई है. दोनों सदनों में पेपर लीक बिल को लेकर भारी हंगामा हुआ. इस हंगामे के बीच दोनों सदन कल तक के स्थगित हैं.
राहुल गांधी कल सदन में बोलेंगे

कल पेपर लीक पर सदन में चर्चा और वोटिंग हो सकती है. इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी सदन में बोल सकते हैं. सोमवार यानी आज का दिन लोकसभा में हंगामे के बीच गुजरा.
लोकसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित

लोकसभा की कार्यवाही को भारी हंगामे के बीच कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है.
संसद की कार्यवाही फिर से शुरू

लोकसभा की कार्यवाही फिर से शुरू हो गई है. कार्यवाही शुरू होती ही हंगामा जारी है. विपक्षी सांसद नारेबाजी कर रहे हैं. इस बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार बिल पर चर्चा के लिए तैयार है. रिजिजू ने कहा कि विपक्ष भी चर्चा में शामिल हो.
पेपर लीक बिल पर सहमति बनाने के लिए स्पीकर ने दिया समय

पेपर लीक पर आए नए बिल के लिए सरकार ने 6 घंटे का समय तय किया है. लोकसभा में हंगामे के बीच स्पीकर ने इस बात की जानकारी दी. उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर समय और बढ़ा दिया जाएगा. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी नारेबाजी रोक चर्चा की अपील की. उन्होंने कहा कि नारेबाजी, तख्तियां लहराने से कोई फायदा नहीं होगा. स्पीकर और मंत्री के यह कहने पर भी जब नारेबाजी नहीं थमी तो स्पीकर ने शाम 5 बजे तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सहमति बनाने का समय दिया.
लोकसभा-राज्यसभा में फिर से नारेबाजी शुरू

पेपर लीक पर लोकसभा में पेश हुए नए बिल की बड़ी बातें क्या है?

पेपर लीक बिल में मुख्य बदलाव

व्यक्तियों के लिए सज़ा:

जेल की सज़ा 5 साल से बढ़ाकर 10 साल की गई.

जुर्माना 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया.

ऑर्गनाइज़्ड क्राइम (संगठित अपराध) के लिए सज़ा:

कम से कम जेल की सज़ा 5 साल से बढ़ाकर 7 साल की गई.

जुर्माना कम से कम 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर कम से कम 10 करोड़ रुपये किया गया.

‘स्पेशल टास्क फोर्स’

संशोधन बिल में गलत तरीकों (अनुचित साधनों) के मामलों की जांच के लिए एक ‘स्पेशल टास्क फोर्स’ बनाने का भी प्रावधान है, जिसकी जांच के लिए दो महीने की समय-सीमा तय की गई है.

फास्ट-ट्रैक कोर्ट

बिल में स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रावधान है.

चार्जशीट दाखिल होने की तारीख से तीन महीने के भीतर ट्रायल पूरा किया जाएगा.
क्या छात्र आतंकवादी हैं? पैलेट गन और AK-47 के इस्तेमाल पर भड़कीं प्रियंका गांधी

संसद का मॉनसून सत्र में चल रहे गतिरोध के बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, “यह हद है. अभी भी बिहार और पश्चिम बंगाल में छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज की जा रही हैं. मैंने सुना है – हालांकि मैंने इसकी पुष्टि नहीं की है – कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने वाली लड़कियों के माता-पिता को फोन करके पूछा गया कि उन्होंने अपनी बेटियों को प्रदर्शनों में शामिल होने की इजाज़त क्यों दी. यह कैसी बकवास है? क्या लड़कियां विरोध नहीं कर सकतीं? और विरोध स्थल पर AK-47 और ऐसे हथियारों की क्या ज़रूरत थी? इन लोगों को क्या हो गया है? छात्र आतंकवादी नहीं हैं.

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