जमशेदपुर 30 जुलाई विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बागबेड़ा के प्रांगण में गुरु पूर्णिमा सह सम्मान समारोह का कल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के सचिव अरविंद कुमार सिंह एवं कोषाध्यक्ष श्री विमल कुमार यादव ने संयुक्त रूप से महर्षि वेदव्यास, भारत माता एवं माँ सरस्वती के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन कर किया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का परिचय विद्यालय के प्रधानाचार्य रंजय कुमार राय ने कराया। इस अवसर पर प्राथमिक एवं माध्यमिक खंड के भैया-बहनों द्वारा शिशु सभा, बाल सभा एवं किशोर सभा के अंतर्गत गीत, नृत्य तथा प्रेरक प्रसंगों की आकर्षक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से गुरु के महत्व एवं भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा का भावपूर्ण चित्रण किया गया।
अपने संबोधन में विद्यालय के सचिव अरबिंद कुमार सिंह ने कहा कि गुरु ही राष्ट्र की भावी पीढ़ी के सच्चे निर्माता एवं मार्गदर्शक होते हैं। वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का निर्माण कर उन्हें जीवन में सही दिशा प्रदान करते हैं।
कोषाध्यक्ष विमल कुमार यादव ने कहा कि मनुष्य की प्रथम गुरु उसकी माता होती है। भारतीय संस्कृति में भगवान को भी गुरु अथवा सखा के रूप में स्वीकार किया गया है। जो अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाए, वही गुरु कहलाता है। जीवन में गुरु का स्थान सर्वोच्च है।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के पदाधिकारियों द्वारा विद्यालय के समस्त आचार्य एवं दीदीजी को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती रेणु कुमारी ने किया, जबकि उपेंद्र कुमार पांडे ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। अंत में सभी ने सामूहिक रूप से शांति मंत्र का पाठ किया, जिसके साथ कार्यक्रम का गरिमामय समापन हुआ।
