सांसद से तनातनी..10……. प्लॉट पर कब्जा को लेकर उद्यमी थक हार कर पहुंचीं हाईकोर्ट

अड़ंगेबाजी की जद में वही सफेदपोश कारोबारी,उसी की नजर है उस भूखंड पर
आरोप..एसिया से सहयोग मांगा तो प्लॉट पर न जाने की मिली सलाह

जमशेदपुर टाटानगर इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड ने आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में आवंटित प्लॉट पर कब्जे के लिए अंततः उच्च न्यायालय में आवेदन दिया है.उसे उम्मीद है कि निकट भविष्य में हुई सुनवाई के उपरांत आवश्यक निदेश प्राप्त होगा. आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के उद्योग हित के लिए गठित एसिया,लघु उद्योग भारती,इसरो,सिया समेत सभी संगठनों के लिए यह घोर कलंक की बात है कि माफियागिरी के चलते औद्योगिक गतिविधियों के लिए आवंटित प्लॉट पर किसी उद्यमी को कब्जा नहीं मिल पा रहा है. सबको पता है कि यह माफिया वही सफेदपोश है जिसकी चर्चा लगातार हो रही है. मेसर्स टाटा नगर इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से महिला उद्यमी उषा रानी झा आज खुलकर सामने आई और जो कहानी बताई वह मार्मिक ही नहीं महिला सशक्तिकरण और संरक्षण के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों को उस सफेदपोश माफिया द्वारा ठेंगा दिखाने का भौड़ा नमूना है. आश्चर्य है कि माफिया गिरी और आर्थिक तथा राजनीतिक धौस के बल पर यह प्रधानमंत्री के सपनों की भी कद्र नहीं कर रहा जबकि वह खुद लघु उद्योग भारतीय और संघ का पदाधिकारी भी है. उषा रानी झा ने बताया कि उन्होंने एशिया के पदाधिकारी से सहयोग मांगा तो उन्हें उस प्लॉट पर नहीं जाने की सलाह दी गई.उक्त प्लाट से सटा माफिया का एक प्लॉट है जिसकी निगाह अपनी विस्तारवादी नीतियों के चलते उस प्लॉट पर है. उषा रानी झा ने बताया कि जब-जब वह दखल लेने गई तब तब मीट भात खिलाकर इस माफिया ने लोगों को इकट्ठा करवा कर उन पर हमला करवाया.यह माफिया जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन के ऊपर कप्तान से लेकर नीचे थानेदार तक अपने संपर्क का नाजायज इस्तेमाल इसी तरह करता है. लोग बताते हैं कि एशिया का एक मुख्य काम जिले में नवागंतुक अधिकारियों का स्वागत करना और उन्हें प्रतीक चिन्ह देना होता है. प्रतीक चिन्ह चांदी का भी हो सकता है क्योंकि उसके लिए पैसा एसिया के फंड से आता है. उषा रानी झा के पिता आर आई टी में ही प्राध्यापक थे. उनका जन्म यहीं हुआ.यही उन्होंने उद्यमिता आरंभ की उद्योग कारोबार बढ़ाने के लिए ही उन्होंने फेस तीन में उक्त प्लाट के लिए आवेदन दिया था जिस पर बी 50 पी एवं बी 51 पी पी के नंबर वाला 30,000 वर्ग फुट भूखंड उन्हें आवंटित किया गया. श्रीमती झा ने कहा कि आज उक्त प्लांट पर पड़ोस में स्थित उक्त माफिया के प्लॉट के नाम लिखे वृक्ष लगा दिए गए हैं.विदित हो कि श्रीमती झा कांग्रेस के एक स्थानीय नेता, जो पूर्व में जिला अध्यक्ष रह चुके हैं के रिश्ते में लगती हैं इस प्रकार देखा जाए तो कांग्रेस झाममो गठबंधन सरकार होने के बाद भी उषा रानी झा को प्लॉट पर दखल नहीं मिल पा रहा है.यही है उस सफेदपोश की माफिया गिरी. जारी…

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