फर्जी दस्तावेज के आधार पर वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की कोशिश, रूबेदा बेवा और रबी शेख समेत 4 के खिलाफ FIR


SIR in Jharkhand
झारखंड मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने साहेबगंज पहुंचकर जायजा लिया
साहेबगंज: झारखंड के साहेबगंज जिले में फर्जी दस्तावेज के आधार पर वोटर लिस्ट में जाम जुड़वाने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। इस मामले में चार लोगों के अलावा कॉमन सर्विस सेंटर के संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। भाजपा की ओर से पहले की संताल परगना प्रमंडल में बांग्लादेशी घुसपैठियों के प्रवेश कर जाने का मामला उठाया जाता रहा है।ये कार्रवाई झारखंड मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमारसंताल परगना क्षेत्र के विभिन्न जिलों के दौरे के दौरान की गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी शनिवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त हो रही शिकायतों की भौतिक जांच के लिए साहेबगंज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के बरहरवा प्रखंड क्षेत्र में संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में नाम शामिल कराने से जुड़े मामलों की स्थल जांच की।

सीईओ ने चिह्नित संदिग्ध व्यक्तियों के घरों पर जाकर स्वयं जांच की

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बरहरवा में चिह्नित संदिग्ध व्यक्तियों के घरों पर जाकर स्वयं स्थल जांच की। उन्होंने संबंधित व्यक्तियों, उनके निवास और मतदाता सूची में पंजीकरण से संबंधित उपलब्ध अभिलेखों और प्रस्तुत दस्तावेजों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक संदिग्ध मामले की गहनता से जांच की जाए और तथ्यों एवं उपलब्ध दस्तावेजों का नियमानुसार सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।

रूबेदा बेवा, रबी शेख, पिंटू शेख, सेन्टु शेख के खिलाफ प्राथमिकी

बरहरवा प्रखंड में संदिग्ध दस्तावेजों के संबंध में उपलब्ध कराई गई सूची में आहुत ग्राम के कुल 4 व्यक्तियों को चिह्नित किया गया है। इनमें रूबेदा बेवा, रबी शेख, पिंटू शेख, सेन्टु शेख की ओर से फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र प्रस्तुत की गई हैं। इन अपात्र व्यक्तियों को कॉमन सर्विस सेंटर के संचालक मोहम्मद सलीम की ओर से फर्जी दस्तावेज तैयार कर उपलब्ध कराए गए थे। जांच के क्रम में बरहरवा प्रखंड में फर्जी दस्तावेज जमा कर अवैध रूप से मतदाता सूची में शामिल होने का प्रयास करने वाले 4 अपात्र व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

कॉमन सर्विस सेंटर के संचालक के खिलाफ प्राथमिकी

इस मामले में कॉमन सर्विस सेंटर के संचालक मोहम्मद सलीम द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर उपलब्ध करने के लिए भी प्राथमिकी दर्ज की गई। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि फर्जी दस्तावेज के माध्यम से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी

के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता है। विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे और किसी भी अपात्र अथवा विदेशी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता सूची की शुचिता बनाए रखने के लिए प्राप्त प्रत्येक गंभीर शिकायत की तथ्यपरक और निष्पक्ष जांच की जाएगी।

संदिग्ध दस्तावेजों से जुड़े मामलों में गहन छानबीन

उन्होंने संबंधित जिला निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि संदिग्ध दस्तावेजों से जुड़े मामलों में संबंधित अभिलेखों का सूक्ष्म सत्यापन करें। यदि जांच में किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर गलत, फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने की पुष्टि होती है, तो उसके विरुद्ध प्रचलित विधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए।संताल परगना के अपने 4 दिवसीय दौरे के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी साहेबगंज, गोड्डा, दुमका और देवघर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित शिकायतों एवं संदिग्ध मामलों की स्थल जांच के साथ ही संबंधित निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा भी करेंगे।

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