दिशोम गुरू शिबू सोरेन की पत्नी और सीएम हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का निधन

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी और मुख्यमंत्री हेमंत की माता रुपी सोरेन का निधन हो गया है. बरियातू रोड स्थित हिल व्यू अस्पताल में उन्होंने अंतिम स्वांस ली. रुपी सोरेन की उम्र करीब 80 साल थी. एक जनवरी 1962 को उनका विवाह दिशोम गुरु शिबू सोरेन से हुआ था. जिसके बाद से वह लगातार गुरुजी के साथ रहीं. 4 अगस्त 2025 को गुरुजी का निधन दिल्ली स्थित सर गंगा राम अस्पताल में हो गई थी. उस वक्त उनकी उम्र करीब 81 साल थी.
1 जनवरी 1962 को हुई थी शिबू सोरेन से शादी

राज्यसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार शिबू सोरेन और रूपी सोरेन का विवाह 1 जनवरी 1962 को हुआ था. शादी के बाद दोनों ने लंबे वैवाहिक जीवन में परिवार को संभाला. शिबू सोरेन के लंबे राजनीतिक संघर्ष और झारखंड आंदोलन से जुड़े सफर के दौरान रूपी सोरेन परिवार की जिम्मेदारियों से जुड़ी रहीं.

दोनों के परिवार में तीन बेटे और एक बेटी हैं. परिवार की अगली पीढ़ी में भी कई सदस्य झारखंड की राजनीति से जुड़े.
चार बच्चों की मां थीं रूपी सोरेन

रूपी सोरेन और शिबू सोरेन के तीन बेटे और एक बेटी हैं. सबसे बड़े बेटे दुर्गा सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे और जामा से विधायक भी रहे. वर्ष 2009 में उनका निधन हो गया था.

दूसरे बेटे हेमंत सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री हैं. छोटे बेटे बसंत सोरेन भी राजनीति में सक्रिय रहे हैं और दुमका से विधायक रहे हैं. बेटी अंजनी सोरेन भी झामुमो से जुड़ी रही हैं.
हेमंत सोरेन के जीवन में मां की खास भूमिका

हेमंत सोरेन का जन्म 10 अगस्त 1975 को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में हुआ था. उनके पिता शिबू सोरेन और मां रूपी सोरेन थीं.

हेमंत सोरेन के राजनीतिक जीवन के साथ उनका पारिवारिक पक्ष भी चर्चा में रहा है. ऐसे में मां रूपी सोरेन का निधन उनके लिए निजी क्षति है. परिवार के लिए यह एक ऐसा समय है, जब एक साथ कई पुरानी यादें और पारिवारिक स्मृतियां जुड़ रही हैं.
शिबू सोरेन के संघर्ष के दौर में संभाला परिवार

शिबू सोरेन ने झारखंड के अलग राज्य आंदोलन से लेकर सक्रिय राजनीति तक लंबा सफर तय किया. इस दौरान परिवार की जिम्मेदारियां भी बनी रहीं. रूपी सोरेन सार्वजनिक राजनीतिक गतिविधियों में बहुत अधिक नजर नहीं आती थीं, लेकिन परिवार की पृष्ठभूमि में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही.

शिबू सोरेन के राजनीतिक जीवन के साथ सोरेन परिवार धीरे-धीरे झारखंड की राजनीति में एक प्रमुख राजनीतिक परिवार के रूप में स्थापित हुआ. आज परिवार की अगली पीढ़ी भी राजनीति में सक्रिय है.
परिवार ने देखे कई बड़े दुख

सोरेन परिवार ने पिछले वर्षों में कई निजी दुख झेले हैं. परिवार के बड़े बेटे दुर्गा सोरेन का वर्ष 2009 में निधन हुआ था. इसके बाद शिबू सोरेन का भी निधन हुआ. अब रूपी सोरेन के निधन से परिवार ने एक और करीबी सदस्य को खो दिया है.

रूपी सोरेन के निधन के बाद परिवार और समर्थकों के बीच शोक का माहौल है. उनके जीवन की कहानी शिबू सोरेन के साथ करीब छह दशक से अधिक लंबे वैवाहिक सफर और एक ऐसे परिवार से जुड़ी रही, जिसका झारखंड की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रहा है.

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