रोनाल्डो ने इंटरनेशनल फुटबॉल से लिया संन्यास, जारी किया भावुक VIDEO,मुझे तकलीफें झेलनी पड़ीं…

: फुटबॉल इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में शुमार क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी है. 41 वर्षीय पुर्तगाली स्टार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर बताया कि नवंबर अंतरराष्ट्रीय ब्रेक के बाद वह राष्ट्रीय टीम की प्रतिष्ठित नंबर-7 जर्सी वापस सौंप देंगे. रोनाल्डो 234 मैचों में 146 गोल के साथ इंटरनेशनल फुटबॉल के सबसे ज्यादा गोल करने वाले और सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी के रूप में विदा ले रहे हैं.

23 साल तक नंबर-7 जर्सी की जिम्मेदारी निभाई

41 वर्षीय फॉरवर्ड ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो के जरिए अपने फैसले की पुष्टि की. उन्होंने अगस्त 2003 में पुर्तगाल के लिए अपने सीनियर डेब्यू से लेकर अब तक के अपने सफर को याद किया. उन्होंने ऐसे रिकॉर्ड बनाए हैं, जो उन्हें खेल के इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक बनाते हैं.

अपने विदाई संदेश में, रोनाल्डो ने पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व करने को अपने करियर का सबसे बड़ा सम्मान बताया. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि उनकी मशहूर ‘नंबर 7’ जर्सी अगली पीढ़ी को सौंप दी जाए.

वीडियो में उन्होंने कहा, ‘पुर्तगाल के लोगों, अब समय आ गया है कि नेशनल टीम की नंबर 7 जर्सी आप सभी को वापस सौंप दी जाए. मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि यह सिर्फ मेरी है, लेकिन 23 सालों तक मुझे इसे पहनने, इसका मान रखने और दुनिया भर के स्टेडियमों में इसे अपने साथ ले जाने का सौभाग्य और जिम्मेदारी मिली. आज इसे भविष्य को सौंपने का समय आ गया है.’ अपने सफर को याद करते हुए, रोनाल्डो ने माना कि उनके करियर में कई यादगार जीतें रहीं, तो कुछ मुश्किल पल भी आए, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि नेशनल टीम के प्रति उनका समर्पण कभी कम नहीं हुआ.

उन्होंने कहा, ‘कुछ बेहतरीन दिन और रातें थीं; ऐसी जीतें थीं जिन्हें मैं कभी नहीं भूल सकता, और कुछ ऐसी हार भी थीं जिन्हें याद करना आज भी मुश्किल लगता है. मुझसे गलतियां भी हुईं, मुझे तकलीफें भी झेलनी पड़ीं, और कई बार ऐसा भी हुआ जब मैं पुर्तगाल के लोगों को वह नहीं दे पाया जिसकी उन्हें बहुत उम्मीद थी. लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी. और सबसे बड़ी बात, पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व करने पर मुझे हमेशा गर्व महसूस होता रहा.’
साथियों, कोचों, सपोर्ट स्टाफ और परिवार का किया धन्यवाद

उन्होंने अपने इंटरनेशनल सफर के दौरान साथ देने के लिए अपने साथियों, कोचों, सपोर्ट स्टाफ और परिवार का भी धन्यवाद किया. “उन सभी कोचों, निर्देशकों, डॉक्टरों, फिजियोथेरेपिस्ट, ड्रेसर्स, कर्मचारियों और उन तमाम लोगों का शुक्रिया, जिन्होंने इतने सालों तक मेरे साथ काम किया है। आपमें से कई लोग कभी तस्वीरों में नहीं दिखे, लेकिन आपके बिना इनमें से कोई भी तस्वीर मुमकिन नहीं होती। मेरे परिवार को भी धन्यवाद, जिन्होंने मेरे साथ इस सपने को साझा किया.’

उन्होंने कहा कि, ‘मेरी गैर-मौजूदगी को समझने, बलिदान देने और उन पलों को स्वीकार करने के लिए धन्यवाद, जब राष्ट्रीय टीम को उस जगह की जरूरत पड़ी जो असल में आपकी थी. अगर मैं यहां तक पहुंच पाया, तो इसलिए क्योंकि आप हमेशा मेरे साथ खड़े रहे.’

रोनाल्डो के जाने से पुर्तगाल के लिए एक युग का अंत हो गया है, और अब राष्ट्रीय टीम की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी नई पीढ़ी के कंधों पर आ गई है. हालांकि, रोनाल्डो ने यह साफ कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने के बाद भी देश के साथ उनका जुड़ाव वैसा ही बना रहेगा. ‘आज मैं राष्ट्रीय टीम के साथ मैदान पर अपना सफर खत्म कर रहा हूं; मैं अपना सिर ऊंचा करके जा रहा हूं, अपने तय किए गए रास्ते पर गर्व महसूस करते हुए, और इस संतुष्टि के साथ कि मैंने पुर्तगाल के लिए अपना सब कुछ दे दिया, लेकिन मैं हमेशा आपमें से ही एक बना रहूंगा,’

उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा,’ ‘आज मुझे एहसास हो रहा है कि मेरी सबसे बड़ी जीत यह थी कि मुझे दुनिया के सबसे बेहतरीन देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला. इन 23 सालों के लिए धन्यवाद. मुझ पर भरोसा करने के लिए धन्यवाद.’
पुर्तगाल को दिलाई ऐतिहासिक सफलताएं

रोनाल्डो पिछले दो दशकों तक पुर्तगाल टीम के सबसे बड़े स्तंभ बने रहे. उनकी कप्तानी में पुर्तगाल ने यूरो 2016 का ऐतिहासिक खिताब जीता. इसके अलावा टीम ने दो बार UEFA Nations League ट्रॉफी भी अपने नाम की. रोनाल्डो छह फीफा वर्ल्ड कप में पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व करने वाले दुनिया के चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल रहे.

रिकॉर्ड्स की लंबी फेहरिस्त छोड़ गए रोनाल्डो

रोनाल्डो ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत 234 मैचों और 146 गोल के साथ किया. वह पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल इतिहास के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं. इसके साथ ही सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है.
आखिरी वर्ल्ड कप रहा निराशाजनक

रोनाल्डो का आखिरी फीफा वर्ल्ड कप अभियान उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. पुर्तगाल को राउंड ऑफ 16 में स्पेन के खिलाफ 1-0 से हार का सामना करना पड़ा और टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई.
कोच जॉर्ज जीसस से हुआ था विवाद

संन्यास से पहले रोनाल्डो विवादों में भी रहे. हाल ही में उनका राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच जॉर्ज जीसस के साथ मतभेद सामने आया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक रोनाल्डो ने एक नेशंस लीग मैच में खेलने से इनकार कर दिया था और टीम कैंप छोड़ दिया था. इसके बाद पुर्तगाली कप्तान पर 30 दिन का निलंबन लगाया गया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया था. करीब ढाई दशक तक दुनिया भर के फुटबॉल मैदानों पर राज करने वाले क्रिस्टियानो रोनाल्डो के संन्यास के साथ अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल का एक स्वर्णिम अध्याय समाप्त हो गया। उनके नाम दर्ज रिकॉर्ड, ट्रॉफियां और यादगार प्रदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे.

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