लातेहार: पुलिस ने नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 20 लाख के इनामी माओवादी रीजनल कमेटी के सदस्य रवींद्र गंझू को एके-56 राइफल और पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार माओवादी रवींद्र, लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र अंतर्गत हेसला बांझीटोला गांव का रहने वाला है.
माओवादी संगठन में सक्रिय था गंझू
रवींद्र गंझू पर 18 पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोप है. राज्य के विभिन्न थाना क्षेत्र में इसके खिलाफ 154 नक्सली हिंसा के मामले दर्ज हैं. दरअसल, रविंद्र गंझू 16 सालों से माओवादी संगठन में सक्रिय था. 2019-20 तक इसका आतंक चरम सीमा पर पहुंच गया था.
गोपनीय रूप से क्षेत्र में सक्रिय था नक्सली
हालांकि पुलिस द्वारा जब नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई की गई और लगभग नक्सलवाद का सफाया कर दिया गया तो रवींद्र गंझू काफी गोपनीय तरीके से क्षेत्र में सक्रिय था. रवींद्र गंझू एकमात्र ऐसा माओवादी कमांडर था, जो पुलिस की गिरफ्त से बाहर था. हालांकि पुलिस इसके खिलाफ लगातार छापामारी अभियान चला रही थी. इसी बीच लातेहार एसपी कुमार गौरव को गुप्त सूचना मिली कि रवींद्र गंझू अपने घर आया हुआ है.
छापामारी के लिए गठित की गई टीम
सूचना मिलने के बाद एसपी के निर्देश पर पुलिस की एक टीम गठित की गई और रवींद्र गंझू के खिलाफ छापामारी की गई. उसके घर को चारों ओर से घेर लिया गया, जब पुलिस ने सर्च अभियान चलाया तो रवींद्र गंझू पकड़ा गया. वहीं उसके पास से एक एके-56 राइफल, एक पिस्टल, एक राइफल, 239 गोलियां समेत अन्य सामान बरामद हुआ है.
गिरफ्तार नक्सली पर दर्ज हैं 154 हिंसक मामले
मंगलवार को प्रेस वार्ता करते हुए लातेहार एसपी कुमार गौरव ने बताया कि कुख्यात माओवादी रवींद्र गंझू पर कुल 18 पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोप है. इसके खिलाफ लातेहार, गुमला लोहरदगा, पलामू और रांची जिले के विभिन्न थाना क्षेत्र में 154 से अधिक मामले दर्ज हैं.
एसपी ने बताया कि इसके अलावा भी कई आम लोगों की हत्या का आरोप भी इस पर है. एसपी कुमार गौरव ने कहा कि गिरफ्तार माओवादी रवींद्र गंझू की पुलिस कई सालों से तलाश कर रही थी. उन्होंने कहा कि इसकी गिरफ्तारी के बाद माओवादी नक्सली संगठन का भी लगभग खात्मा हो गया है.
गिरफ्तार नक्सली ने उगले कई कई राज
गिरफ्तार नक्सली रवींद्र गंझू ने पूछताछ में पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है. जिसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है. एसपी ने आगे कहा कि जो भी नक्सली, क्षेत्र में बचे हैं, उनके पास अब एक ही विकल्प है कि वह पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दें.
नक्सली सरेंडर करें या मारे जाएंगे: सीआरपीएफ डीआईजी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीआरपीएफ के डीआईजी पंकज कुमार ने कहा कि अब गिनती के एक दो नक्सली ही बचे हैं, उनके खिलाफ भी लगातार छापामारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि नक्सलियों के पास अब एक ही विकल्प है कि वह आत्मसमर्पण कर दें अथवा वे मारे जाएंगे.
छापामारी में इनकी भूमिका रही महत्वपूर्ण
नक्सलियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए गए अभियान में कोबरा 209 बटालियन के डिप्टी कमांडेंट दीपक कुमार, लातेहार पुलिस के सब इंस्पेक्टर रितेश कुमार राव, रितेश तिग्गा आदि की भूमिका अहम रही.
