यूपी के सुल्तानपुर के दो शूटर भी गिरफ्त में, दो देशी पिस्टल, सात जिंदा कारतूस,
जमशेदपुर/चांडिल। चांडिल थाना अंतर्गत आसनबनी स्थित टेंथ माइल होटल में बीते 24 अगस्त को जमशेदपुर के युवा व्यवसायी निखार सबलोक की हत्या मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. पुलिस की संयुक्त विशेष अनुसंधान टीम (एसआइटी) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के दो शूटरों, सोनारी के कारोबारी अशोक सिंह राघव समेत कुल छह शातिर अपराधियों को दबोच लिया है.
चांडिल थाना क्षेत्र के आसनबनी स्थित 10th Mile Hotel में 24 अगस्त को होटल कारोबारी निखार सबलोक की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए मास्टरमाइंड अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक, निखार की हत्या के लिए 15 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। सुपारी देने वाला कोई और नहीं, बल्कि मामले का मास्टरमाइंड अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव था। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल दो देशी पिस्टल, सात जिंदा कारतूस, छह मोबाइल फोन और लाल रंग की Hyundai i10 कार बरामद की है। वारदात के बाद इसी कार से आरोपी रांची की ओर भागे थे।

जमीन विवाद में रची गई खूनी साजिश!…….
एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने बताया कि चांडिल थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे के किनारे स्थित 10th Mile Restaurant के पास जमीन को लेकर भी विवाद था। इसी विवाद की पृष्ठभूमि में निखार सबलोक की हत्या की साजिश रचे जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब इस साजिश की पूरी कड़ी को जोड़ने में जुटी है. घटना के बाद मृतक के पिता संजीव सबलोक के लिखित आवेदन पर चांडिल थाना में कांड संख्या 115/2026 दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिंहभूम (कोल्हान) के पुलिस उप-महानिरीक्षक के निर्देश पर पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां पुलिस की संयुक्त SIT गठित की गई।
SIT ने तकनीकी साक्ष्य, CCTV फुटेज, मानवीय सूचना और अन्य उपलब्ध तथ्यों को खंगालते हुए लगातार छापेमारी की। जांच के दौरान पुलिस को अपराधियों के भागने के रास्ते और घटना के बाद उनकी गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे। इन्हीं सुरागों के आधार पर पुलिस ने रांची से वारदात में इस्तेमाल लाल रंग की Hyundai i10, नंबर JH-05-AN-5503 बरामद कर ली. इसके बाद पुलिस ने डोबो के पास से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।
ऐसे दिया गया हत्या को अंजाम…….
सरायकेला-खरसावां पुलिस के अनुसार, वारदात के दिन सुनील रजक चालक बनकर i10 कार लेकर पहुंचा था। उसके बगल वाली सीट पर रितेश सिंह बैठा था, जबकि पीछे की सीट पर शूटर अंकित सिंह और उसका एक अन्य साथी मौजूद था. रितेश सिंह पहले होटल के अंदर गया और वहां की स्थिति का जायजा लिया। उस समय निखार सबलोक होटल में बैठकर चाय पी रहे थे। रितेश बाहर निकला और उसने शूटरों को निखार के बारे में जानकारी दी। इसके बाद शूटरों ने निखार को निशाना बनाते हुए गोली मार दी. वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी उसी i10 कार से रांची की तरफ फरार हो गए। रांची पहुंचने के बाद आरोपियों ने कार छोड़ दी और वहां से दूसरी गाड़ी में सवार होकर फरार हो गए। पुलिस ने बाद में इसी i10 को रांची से बरामद कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में जमशेदपुर और यूपी के अपराधी……
पुलिस ने जिन छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार हुई है……
1. अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव — खुंटाडीह, सोनारी, जमशेदपुर
2. सुनील रजक — संजय पथ, लक्ष्मण नगर, डिमना रोड, मानगो
3. रितेश सिंह — संजय पथ, लक्ष्मण नगर, डिमना रोड, मानगो
4. सुशिल केराई — सिद्धू-कान्हू बस्ती, सोनारी
5. राज कुमार सिंह उर्फ प्रिंस — मांगरपुर, लधुवा, सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश
6. अंकित सिंह — गोलबरा, सरायांचल, कोतवाली देहात, सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश।
इन सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है…… हथियारों का जखीरा भी बरामद
पुलिस के हाथ लगी बरामदगी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। आरोपियों के पास से……
– दो देशी पिस्टल
– सात जिंदा कारतूस
– छह मोबाइल फोन
– हत्या में इस्तेमाल लाल रंग की Hyundai i10 कार बरामद की गई है।
बरामद हथियारों में एक देशी पिस्टल की मैगजीन में चार जिंदा कारतूस और दूसरी पिस्टल की मैगजीन में तीन जिंदा कारतूस मिले हैं।
पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आए हैं। सुनील रजक के खिलाफ बागबेड़ा और मानगो थाना क्षेत्रों में हत्या के प्रयास, मारपीट और आर्म्स एक्ट समेत कई मामले दर्ज बताए गए हैं. रितेश सिंह के खिलाफ भी मानगो थाना क्षेत्र में आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं सुशिल केराई के खिलाफ सोनारी थाना में वर्ष 2014 से 2025 के बीच कई मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। इनमें हत्या के प्रयास, डकैती की तैयारी, आर्म्स एक्ट और NDPS एक्ट जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं. इसी तरह यूपी निवासी अंकित सिंह के खिलाफ कोतवाली देहात और कमरुल इंडस्ट्रीज एरिया थाना क्षेत्र में भी आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं।
जमशेदपुर-सरायकेला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से खुली गुत्थी……
हत्याकांड के उद्भेदन में जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां पुलिस की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छापेमारी टीम में नगर पुलिस अधीक्षक ललित मीना, सहायक पुलिस अधीक्षक ऋषभ त्रिवेदी, घाटशिला एसडीपीओ विकास आनंद लागुरी, चांडिल एसडीपीओ शिवप्रकाश कुमार समेत कई पुलिस पदाधिकारी और थाना प्रभारी शामिल रहे. तकनीकी शाखा जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां की टीम ने भी तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।
छह गिरफ्तारी के बाद भी कई सवाल बाकी……
पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या की गुत्थी का बड़ा हिस्सा सुलझा लिया है, लेकिन साजिश की पूरी तस्वीर अभी सामने आनी बाकी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि 15 लाख रुपये की सुपारी की पूरी डील कैसे हुई, शूटरों तक किस माध्यम से संपर्क बनाया गया, हत्या की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और निखार सबलोक को रास्ते से हटाने के पीछे जमीन विवाद के अलावा कोई और वजह थी या नहीं. पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है. निखार सबलोक हत्याकांड में मास्टरमाइंड समेत छह गिरफ्तारी, हथियारों की बरामदगी और हत्या की सुपारी का खुलासा पुलिस के लिए बड़ी सफलता जरूर है, लेकिन इस खूनी साजिश के पीछे छिपे हर चेहरे को बेनकाब करना अभी बाकी है।
निखार के पिता के बयान पर दर्ज की गयी थी प्राथमिकी
मृतक के पिता संजीव सबलोक के बयान पर चांडिल थाने में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. वारदात की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी कोल्हान के निर्देश पर एसएसपी पूर्वी सिंहभूम और एसपी सरायकेला-खरसावां के नेतृत्व में एक विशेष एसआईटी टीम का गठन किया गया था. एसआईटी ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों तथा गुप्त सूचना के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया.
