नई दिल्ली : पिछले कुछ दिनों से खबरें आ रही है कि मोदी कैबिनेट का विस्तार हो सकता है. इनमें कुछ नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है और कुछ लोगों को बाहर भी किया जा सकता है. भाजपा संगठन में बदलाव भी इसका ही एक हिस्सा है. हालांकि, किसे मौका मिलेगा और किसे बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा, इसके बारे में कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं है. अलग-अलग जानकार इस बारे में सिर्फ कयास लगा रहे हैं. इन्हीं में से एक कयास टाटा संस के पूर्व प्रमुख एन चंद्रशेखरन को लेकर है.
विसपर्स इन द कॉरिडोर्स ने दावा किया है कि मोदी कैबिनेट में एन चंद्रशेखरन को शामिल किया जा सकता है. उन्हें कैबिनेट में बड़ी जगह दी जा सकती है. इस संबंध में एक ट्वीट किया गया है. उन्होंने लिखा है, “क्या टाटा संस के पूर्व प्रमुख चंद्रशेखरन के हटने के बाद उन्हें मोदी कैबिनेट में जगह मिलेगी?अक्टूबर 2024 में रतन टाटा के निधन के बाद से, 158 साल पुराना टाटा ग्रुप और इसके मुख्य मालिक, टाटा ट्रस्ट्स, लगातार चर्चा में रहे हैं. सबसे हालिया बड़ी घटना 12 अगस्त को हुई, जब टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने फैसला किया कि 20 फरवरी, 2027 को उनका मौजूदा कार्यकाल खत्म होने पर वे अगला कार्यकाल नहीं लेंगे.”
सोशल मीडिया पोस्ट में विसपर्स इन द कॉरिडोर्स ने लिखा है कि एन चंद्रशेखरन के हटने के फैसले के बाद, उनके अगले करियर कदम को लेकर राजनीतिक और कॉर्पोरेट हलकों में अटकलें तेज हो गई हैं. उनके मुताबिक, “खास जानकारी से पता चलता है कि इस अनुभवी बिजनेस लीडर को सरकार में होने वाले अगले फेरबदल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्रीय कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है.कॉर्पोरेट लीडरशिप के चार दशकों के अनुभव के साथ—जिसमें भारत के सबसे बड़े बिजनेस ग्रुप का नेतृत्व करते हुए नौ बेमिसाल साल और टीसीए में एक लंबा, सफल करियर शामिल है—चंद्रशेखरन के पास टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल पॉलिसी के क्षेत्र में खास विशेषज्ञता है.
क्योंकि वह एक बड़े बिजनेस ग्रुप का नेतृत्व कर चुके हैं, लिहाजा क्या उन्हें वित्त मंत्री बनाया जाएगा या फिर वाणिज्य विभाग या कोई और विभाग दिया जाएगा. इसको लेकर अटकलें तेज हैं. एन चंद्रशेखरन ने टाटा समूह में 40 वर्ष पूरे किए हैं. उन्होंने 1987 में टीसीएस में एक सॉफ्टवेयर इंटर्न के तौर पर शुरुआत की थी और अपनी काबिलियत से इसके सीईओ और फिर टाटा संस के चेयरमैन बने. उन्होंने कहा कि इस प्रतिष्ठित संस्थान के विकास में योगदान देना उनके लिए बहुत बड़ा सम्मान और एक गहरी जिम्मेदारी रही है. उन्होंने अपने इस सफर में सहयोग देने के लिए सभी हितधारकों का दिल से आभार व्यक्त किया है.
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वे अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद पद छोड़ देंगे. उनका कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त हो रहा है. चंद्रशेखरन ने टाटा संस के बोर्ड को सूचित किया कि वे दोबारा इस पद के लिए अपनी दावेदारी पेश नहीं करेंगे. उन्होंने बोर्ड से अपील की है कि कंपनी के काम को बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ाने के लिए जल्द से जल्द नए उत्तराधिकारी का चुनाव किया जाए.
खबरों के अनुसार एन चंद्रशेखरन और नोएल टाटा (टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन) के बीच मतभेद था. उनके बीच कॉर्पोरेट रणनीति, गवर्नेंस, बोर्ड में प्रतिनिधित्व और एयर इंडिया, टाटा डिजिटल व सेमीकंडक्टर जैसे नए और महंगे व्यवसायों में हो रहे शुरुआती नुकसान व कर्ज को लेकर अलग-अलग राय थी.
