मानगो में जगह-जगह कचरे का अंबार, 3 दिन की बारिश ने खोल दी नगर निगम की पोल, पॉश कॉलोनी से गली-मोहल्ले तक सड़ रहा कचरा, बीमारी का खतरा


जमशेदपुर।* मानगो में एक बार फिर जगह-जगह कचरे का अंबार लग गया है। पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने मानगो नगर निगम की सफाई व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।
नगर निगम का चुनाव इसी मकसद से हुआ था कि शहर में सफाई होगी, रोड चकाचक रहेंगे और गली-मोहल्ले स्वच्छ रहेंगे। लेकिन लोगों की ये उम्मीद पर पानी फिर गया है। आज आलम ये है कि पॉश कॉलोनी से लेकर गली-मोहल्लों तक गंदगी पसरी हुई है।

मेन रोड से मोहल्ले तक एक ही हाल*

डिमना मेन रोड, उलीडीह थाना के पास, एलआईसी बिल्डिंग, आजादनगर, जवाहरनगर, ओल्ड पुरुलिया रोड, गांधी मैदान के आसपास हर जगह कचरे के ढेर लगे हैं। बारिश के कारण कचरा सड़ गया है और नालियां जाम हो गई हैं। सड़ा हुआ कचरा और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है।

*नगर निगम फेल, गाड़ियां खड़ी*

डोर-टू-डोर कचरा उठाव पिछले 3 दिन से पूरी तरह ठप है। जिस मानगो को पॉश इलाका कहा जाता है, वहां भी घरों के सामने कचरा सड़ रहा है। गांधी मैदान, जो नगर निगम कार्यालय से कुछ दूरी पर है, वहां भी कचरे का ढेर है। लोगों को घर से निकलना मुश्किल हो गया है। दुर्गंध से सांस लेना दूभर है।

बीमारी का बड़ा खतरा*

बारिश में सड़े कचरे से डेंगू, मलेरिया, डायरिया और सांस की बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ गया है। मक्खी-मच्छरों का प्रकोप है। स्थानीय डॉक्टरों का कहना है कि अगर सफाई नहीं हुई तो महामारी फैल सकती है। बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा खतरा है।

जनता में आक्रोश

स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन हकीकत में स्थिति बद से बदतर हो गई है। कई जगह लोगों ने खुद पैसे देकर कचरा हटवा रहे।
लोगों ने जिला प्रशासन और उपायुक्त से हस्तक्षेप कर तुरंत कचरा उठाव शुरू करने और स्थायी डंपिंग यार्ड की व्यवस्था करने की मांग की है।

पूरे मामले को देखा जाए तो यह कविता मानगो नगर निगम पर सटीक बैठती है

मेरे शहर में बनेगा एक नगर निगम

निगम की घोषणा होते ही
नेता जी आयेंगें, आकर हमें बतलाएंगे,
नगर निगम के फायदे साथ में अनेकों वायदें,
सबका जीवन होगा सुगम,
मेरे शहर में बनेगा एक नगर निगम ।

सुविधाएँ ही सुविधाएं होंगी,
नहीं कोई समस्याएं होंगीं,
साफ सफाई के साथ,
पानी बिजली सड़क,
सब कुछ होगा कड़क,
जनता की सेवा में सदैव तत्पर रहेंगें हम,
मेरे शहर में बनेगा जब एक नगर निगम ।

वोट मांगने आयेंगे, आकर हमें बहलाएंगे ,
बात बात में बोलेंगें, देख लेंगें हम।
जब जब चुनावी दंगल होगा,
ये शहर बनेगा “मेहम”
मेरे शहर में बनेगा जब एक नगर निगम ।

मेयर कोई चौटाला होगा
घोटाला पर घोटाला होगा ,
पर नहीं कोई सुननेवाला होगा,
घोषणाएं ही घोषणाएं होंगी,
पर पर नहीं योजनाएं होंगी,
फाइलों में घुटेगा सब योजनाओं का दम,
मेरे शहर में बनेगा जब एक नगर निगम ।

अफसर ही अफसर होंगें,
पर नहीं उनके दर्शन होगें,
हर काम में रिश्वत देना होगा और काम होगा कम,
मेरे शहर में बनेगा जब एक नगर निगम।

सड़कों पर अंधियारा होगा ,
और घरों में रोशनी कम,
टावर हो टावर होगा ,
पर नहीं पावर होगा,
नल पर नजरें टिकी रहेंगी
पर पानी का दर्शन होगा कम ।
मेरे शहर में बनेगा जब एक नगर निगम।

सड़कों पर गड्ढे होंगे या गड्ढों बीच सड़कें होंगीं !
गलियां ही गलियां होंगीं पर नहीं नालियां होंगी ,
जब जब पानी बरसेगा ,
नाली और सड़क को होगा यहाँ संगम,
मेरे शहर में बनेगा जब एक नगर निगम।

सफाई का ताम झाम होगा पर नहीं सफ़ाई होगा,
कचरों के ढ़ेर में गंदगी का अंबार होगा,
स्वर्ग से सुंदर शहर ये अपना, झेलेगा नरक का ग़म,
मेरे शहर में बनेगा जब एक नगर निगम।

झण्डा अलग अलग होगा पर एक ही फंडा होगा,
मिल बांट कर खायेंगे, जनता को मूर्ख बनायेंगें,
थार में घूमेंगें नेता और उनके पीछे हम,
मेरे शहर में बनेगा जब एक नगर निगम।
मेरे शहर में बनेगा जब एक नगर निगम।

सुरेन्द्र
जमशेदपुर

“मेहम “ हरियाणा में एक विधान सभा चुनाव क्षेत्र है जहाँ का बूथ लूट की भयंकर घटना हुई थी सुर चौटाला के समय से कुख्यात था

Share this News...