नई दिल्ली:
सोनिया गांधी की बहुप्रतीक्षित आत्मकथा Belonging: A Journey of Love 10 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने जा रही है. प्रकाशक हार्परकॉलीन्स इंडिया इसे प्रकाशित करेगा. यह पुस्तक प्रेम, पहचान, कर्तव्य और अपनेपन की गहरी व्यक्तिगत यात्रा को सामने लाएगी. साथ ही इसमें भारत की राजनीतिक और सामाजिक यात्रा की दुर्लभ अंदरूनी झलक भी मिलेगी. लंबे समय से प्रतीक्षित इस संस्मरण को समकालीन भारतीय राजनीति की महत्वपूर्ण पुस्तकों में माना जा रहा है. पुस्तक के जरिए पाठकों को सोनिया गांधी के निजी अनुभवों, सार्वजनिक जीवन और भारत से उनके गहरे जुड़ाव को समझने का अवसर मिलेगा.

पेंगुइन हाउस की आलोचना
28 अगस्त को पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने स्पष्ट किया था कि वह भारत में सोनिया गांधी की आगामी आत्मकथा प्रकाशित नहीं कर रहा है. इसके बाद केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के संस्मरण के प्रकाशन को लेकर हुए विवाद पर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की आलोचना करते हुए कहा था कि उन्होंने कहा कि जो प्रकाशक ‘अपने सिद्धांतों से समझौता करता है, वह लोकतंत्र से ही समझौता करता है’.
क्यों विवाद है?
कांग्रेस के सूत्र बता रहे हैं कि इन सब पर सोनिया गांधी ने जो लिखा है उस पर प्रकाशक को कोई आपत्ति नहीं है, तब सवाल उठता है कि सोनिया गांधी ने अपने किताब में ऐसा क्या लिख दिया है कि किताब का कवर जारी हो जाने के बाद प्रकाशक इसे छापने से मना कर रहे हैं. सूत्रों की मानें तो सोनिया गांधी के किताब में तीन चैप्टर ऐसे हैं, जिस पर प्रकाशक को आपत्ति है, उसमें से एक है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर लिखा गया लेख. इस लेख के बारे में कहा जा रहा है कि सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री के साथ हुए वन टू वन मुलाकातों के दौरान बातचीत का जिक्र किया है. साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री के उन बयानों का भी जिक्र है जो उन्होंने अपने भाषणों में सोनिया गांधी या अन्य विपक्षी महिला नेताओं के लिए कही है.
बीजेपी का आरोप
तमिलनाडु भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपथी ने मंगलवार को कहा कि किताब में लिखी गई कई बातें सही नहीं थीं और देश के हित में भी नहीं थीं.
