गणेश चतुर्थी पर गौसेवा की अनूठी पहल, सोशल स्पार्क्स ने कालियाडीह गौशाला में गौ माताओं को खिलाई 1000 किलो सब्जियां

 

पर्व की खुशियां गौसेवा के साथ मनाकर युवाओं ने दिया करुणा, सेवा और संवेदना का संदेश

*जमशेदपुर:* गणेश चतुर्थी के पावन पर्व को सेवा और संवेदना के साथ मनाते हुए सामाजिक संस्था ‘सोशल स्पार्क्स’ की टीम ने कालियाडीह गौशाला में एक अनूठी गौसेवा पहल की। संस्था के सदस्यों ने गौशाला पहुंचकर गौ माताओं को 1000 किलोग्राम ताजी सब्जियां खिलाईं और पर्व की खुशियां गौसेवा को समर्पित कीं।

संस्था की इस पहल का उद्देश्य केवल गौसेवा करना ही नहीं, बल्कि समाज में जीवों के प्रति करुणा, संवेदनशीलता और सेवा भाव को बढ़ावा देना भी था। गणेश चतुर्थी जैसे पावन अवसर पर गौ माताओं की सेवा कर सोशल स्पार्क्स की टीम ने यह संदेश दिया कि पर्व और उत्सव की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब उनकी खुशियां समाज एवं जीव-जंतुओं के साथ साझा की जाएं।

कार्यक्रम का सफल आयोजन सोशल स्पार्क्स के संस्थापक उत्कर्ष एवं लॉजिस्टिक्स प्रमुख दर्श मूनका के नेतृत्व में किया गया। टीम के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक गौशाला में सेवा कार्य किया तथा गौ माताओं को हरी सब्जियां खिलाकर अपना योगदान दिया।

इस अवसर पर टाटानगर गौशाला समिति की ओर से अशोक अग्रवाल, भरत अग्रवाल, बिमल रिंगासिया सहित समिति के अन्य सदस्य भी विशेष रूप से उपस्थित रहे और सोशल स्पार्क्स की इस गौसेवा पहल में अपना सहयोग एवं समर्थन प्रदान किया।

इस सेवा अभियान में प्लक्षा पारीक, मयंक अग्रवाल, दक्ष चौधरी, अर्निश, सोनम, वरिन्या, दृष्टि ठाकर, भूमि, कृष्णा, कृतिका, मणिदीपा, राजवी, उजेषा, अर्चित, अमृता, ऋषित, अभिनव, नित्या एवं मिशा ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

सोशल स्पार्क्स की टीम ने कहा कि गौसेवा केवल एक धार्मिक भावना नहीं, बल्कि जीवों के प्रति हमारी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का प्रतीक है। गणेश चतुर्थी के अवसर पर आयोजित यह सेवा कार्य युवाओं को समाजसेवा के साथ-साथ जीव सेवा के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

“पर्व की खुशियां तब और खास हो जाती हैं, जब उनमें सेवा और संवेदना का रंग जुड़ जाता है।” सोशल स्पार्क्स की इस पहल ने गणेश चतुर्थी के उत्सव को गौसेवा के माध्यम से एक सार्थक और यादगार रूप प्रदान किया।

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