नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने 16 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर के बाद अब 24 कोच वाले नई वंदे भारत लाने की तैयारी में है. इस ट्रेन में फुल एयरकंडीशनर वाली पैंट्री कार भी होगी. इसकी लग्जरी सुविधाएं देश की सबसे प्रीमियम ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस से भी बेहतर होंगी. इंटीग्रल कोच फैक्ट्री चेन्नई और BEML बेंगलुरु मिलकर ये 24 कोच वाले ट्रेन तैयार कर रहे हैं. साल के आखिरी तक इसका पहला मॉडल सेट भी तैयार हो जाएगा. अभी 16 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर में 823 यात्री सफर करने की क्षमता है, लेकिन 24 कोच वाले ट्रेन में 1224 सीटें होंगी. लंबी दूरी की यात्रा में ताजा और बेस्ट क्वालिटी के भोजन के लिए पूरी तरह वातानुकूलित पैंट्री कार भी होगी. हर कोच में एक मिनी-पैंट्री और चादर-तौलिया रखने और यात्रियों को बांटने की खास जगह होगी. रेलवे ऐसी 50 नई सुपर कैपेसिटी ट्रेन तैयार कर रहा है. इस वंदे भारत ट्रेन देश के सबसे बिजी और लंबे रूट पर चलाया जाएगा.
24 डिब्बों वाली नई वंदे भारत ट्रेन
17 कोच इसमें एसी 3-टियर के
5 कोच एसी 2-टियर श्रेणी के
1 कोच एसी फर्स्ट क्लास
1 कोच फुल एसी पैंट्री कार का
नई वंदे भारत में राजधानी एक्सप्रेस से बेहतर सुविधाएं
नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन 1500 से 2000 किलोमीटर की दूरी वाले रास्तों में राजधानी एक्सप्रेस का विकल्प बनेगी. इस ट्रेन में यात्रियों को जरा सा भी झटका नहीं लगेगा और इसके लिए एडवांस्ड शॉक फ्री सस्पेंशन सिस्टम होगा. समझिए ग्लास से पानी भी नहीं छलकेगा. डिब्बों के बीच आवाजाही के लिए ऑटोमेटिक सेंसर वाले स्लाइडिंग डोर होंगे, यानी दरवाजे बाहर खोलने बंद करने की असुविधा यात्रियों को नहीं होगी. हर बर्थ पर यात्रियों के लिए पढ़ने-देखने के लिए स्पेशल लाइट, यूएसबी चार्जिंग पोर्ट और खास कुशन होंगे. एसी फर्स्ट क्लास के कोच में रेलयात्रियों के लिए गर्म पानी से नहाने की सुविधा होगी. ये ट्रेन टक्कर रोधी तकनीक कवच सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, आग बुझाने के उपकरण और क्रैश बफर जैसे सिक्योरिटी फीचर्स से भी लैस होगी.
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर का उद्घाटन कब हुआ था
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 17 जनवरी को बंगाल के हावड़ा से गुवाहाटी में कामाख्या रूट के बीच शुरू हुई थी. 968 किमी का सफर ये ट्रेन 14 घंटे में पूरा करती है. जबकि सामान्य ट्रेन 17-18 घंटे लेती है. जल्दी ही दिल्ली-पटना, दिल्ली-गुवाहाटी, दिल्ली-वाराणसी जैसे रूट पर भी ये ट्रेन चलाई जा सकती है.
थर्ड एसी: 2300
सेकंड एसी: 3000
फर्स्ट एसी: 3600
राजधानी से वंदे भारत बेहतर क्यों
राजधानी एक्सप्रेस जैसे वंदे भारत में भारी इंजन नहीं होता. ये मेट्रो की तरह ट्रेनसेट पर चलती है. लिहाजा वंदे भारत तेजी से रफ्तार पकड़ती है और समय बचाती है. हवाई जहाज की तरह वैक्यूम टॉयलेट, ऑटोमैटिक दरवाजे, गद्देदार आरामदायक सीट जैसी इसमें व्यवस्थाएं हैं. हालांकि प्रीमियम क्वालिटी के साथ इसका किराया कुछ अधिक होगा.
वंदे भारत का उद्घाटन कब हुआ था
देश की पहली सेमी हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन 15 फरवरी 2019 को शुरू हुई थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली से वाराणसी रूट के लिए इसे हरी झंडी दिखाई थी. देश में अभी 79 वंदे भारत ट्रेन चल रही हैं. इसमें चेयर कार और नई स्लीपर कोच वाली वंदे भारत शामिल है.
20 कोच वाली 22 ट्रेनें
16 कोच वाली 18 ट्रेनें
8 कोच वाली 39 ट्रेनें
2030 तक 800 तक वंदे भारत चलेंगी
2047 तक 4500 का लक्ष्य रेलवे का
