जमशेदपुर में भिड़े कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता,; जानें क्या है वजह
जमशेदपुर: झारखंड में पूर्वी सिंहभूम जिला मुख्यालय बिष्टुपुर में सोमवार को भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत हो गई। दोनों ओर से पथराव की घटना में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार और कांग्रेस के उपाध्यक्ष समेत 10 से अधिक लोगों के सिर फटने से घायल होने की सूचना है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
मिली जानकारी के अनुसार जेएनयू प्रकरण को लेकर कांग्रेस मुख्यालय पर भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गये।
कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय के निकट नोकझोंक
बीजेपी महिला मोर्चा की कार्यकर्ता कांग्रेस सांसद की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन करते हुए टाउन मैदान से मार्च निकाला। मार्च करते हुए सभी कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय के सामने पहुंचे। इसी दौरान कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद जमकर नारेबाजी हुई।
बीजेपी महिला मोर्चा की कार्यकर्ता दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से जुड़ी छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न मामले में मणिपुर से कांग्रेस सांसद और पूर्व प्रोफेसर डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोईजाम के खिलाफ कार्रवाई, गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग कर रही थीं।
पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार समेत कई घायल
प्रदर्शन के लिए भाजपा कार्यकर्ता को सुबह 11:30 बजे बिष्टुपुर के जी टाउन क्लब मैदान में एकत्र हुए। यहां से कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया। इस दौरान कई लोगों को चोटें आयीं।
पथराव में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार और कांग्रेस के उपाध्यक्ष समेत 10 से अधिक लोगों के सिर फटने की सूचना है। अचानक हुई भिड़ंत से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और पथराव किस ओर से शुरू हुआ, इसकी छानबीन पुलिस कर रही है।
विधायक पूर्णिमा साहू धरने पर बैठी
घटना के बाद भाजपा विधायक पूर्णिमा साहू कांग्रेस कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गईं। उन्होंने कार्यकर्ताओं पर हमले का विरोध जताया। करीब आधे घंटे तक धरने पर बैठने के बाद उन्होंने अपना धरना समाप्त कर दिया।
पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच टकराव के बाद बिष्टुपुर पुलिस ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई और स्थिति पर नजर रखी गई। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को अलग किया गया, ताकि दोबारा टकराव की स्थिति न बने।
सिटी एसपी और एसडीएम भी पहुंचे। इस दौरान घटना की सूचना सिटी एसपी और एसडीओ घटनास्थल पहुंचे। और दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर मामला को शांत कराया। दोनों अधिकारियो ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी जो भी दोषी होंगे उस पर कार्रवाई होगी।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर साजिश करने का लगाया आरोप
घटना के बाद कांग्रेस कार्यालय के बाहर धरने पर बैठी भाजपा विधायक पूर्णिमा साहू ने बीजेपी की महिला कार्यकर्ताओं पर हमले का विरोध जताया। करीब आधे घंटे तक धरने पर बैठने के बाद उन्होंने अपना धरना समाप्त कर दिया। मौके पर पत्रकारों से बातचीत में पूर्णिमा साहू कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर षड्यंत्र रच जुटे हुए थे। बीजेपी महिला मोर्चा का कार्यक्रम पहले से तय था। बीजेपी कार्यकर्ता कांग्रेस सांसद के इस्तीफे की मांग कर रहे थे, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से उनपर पथराव किया गया।
कांग्रेस पार्टी महिलाओं का सम्मान करें
पूर्णिमा साहू ने आरोप लगाया कि जब आतंकियों का साथ संरक्षण इनके साथ होगा, आतंकियों का पूरा इनका सहयोग इनको सहयोग मिलेगा, तो व्यवहार में असर दिखेगा? उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से सिर्फ नारों में महिलाओं का सम्मान की बात की जाती है, इन सिद्धांतों को उन्हें अपने आचरण और व्यवहार में शामिल करना चाहिए। राहुल गांधी भी इन मुद्दों पर चुप्पी साध लेते हैं। सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा भी एक महिला हैं, उन्हें जवाब देना चाहिए कि 11 छात्राओं को न्याय कब मिलेगा?
