रांची: ‘यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस’ के आह्वान पर झारखंड सहित देश भर के बैंकों में 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल रहेगी. इस हड़ताल से झारखंड में बैंकिंग कामकाज प्रभावित होगा और इससे लगभग 60,000 करोड़ के व्यापारिक गतिविधि बाधित होने की संभावना है. इतना ही नहीं चालू वित्तीय वर्ष के छमाही का अंतिम दिन यानी 30 सितंबर को बैंक क्लोजिंग के कामकाज पर भी असर पड़ेगा. इस तीन दिवसीय हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी शामिल होंगे.
इससे पहले बैंक कर्मचारियों के द्वारा विगत 11 सितंबर को एक दिवसीय हड़ताल किया गया था. हड़ताल कर रहे बैंक कर्मचारी केन्द्र सरकार से पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने, PLI भुगतान की विसंगतियों को दूर करने और 8 मार्च 2024 को हुए समझौते को लागू करने की मांग को पूरा करने पर लगातार दवाब बना रहे हैं.
UFBU के संयुक्त संयोजक का बयान
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के संयुक्त संयोजक मुनिन्द्र लाल सिंह ने कहा कि 11, 28, 29 और 30 सितंबर को अखिल भारतीय हड़ताल की घोषणा की गई है. केंद्र सरकार 8 मार्च 2024 को हुए समझौते को अब तक लागू नहीं कर पाई है, जो बेहद ही दुखद है. हमलोगों ने पांच दिवसीय बैंकिंग कारोबार के समय में भी 40 मिनट अतिरिक्त समय देकर समय का समायोजन की बात कही है. इसके बावजूद सरकार टालमटोल कर बैंक कर्मचारियों की मांग को अनदेखी कर रही है. ऐसे में यदि मांग नहीं मानी गई तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैंक कर्मचारी जाएंगे, जिससे बैंकिंग कारोबार पूरी तरह से ठप होगा. उन्होंने कहा कि झारखंड में करीब 30 हजार कर्मचारी हैं जो कल 11 सितंबर को हड़ताल पर रहेंगे.
रविवार को खुला रहेगा बैंक, RBI का निर्देश
बैंक कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रविवार यानी 27 सितंबर को सभी बैंकों को खोलने का निर्णय लिया है. यदि यह फैसला नहीं लिया जाता तो बैंक 26 से 30 सितंबर तक यानी लगातार 5 दिन तक बंद हो जाता. चौथा शनिवार होने के कारण बैंक पहले से ही बंद था. जिसे ध्यान में रखते हुए रविवार को बैंक की शाखा खोलने का निर्णय लिया गया है. वहीं, रांची जिला बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष कनक रंजन चौधरी ने कहा कि तीन दिनों के हड़ताल से करीब 60 हजार का कारोबार प्रभावित होने के आसार हैं. केन्द्र सरकार मनमानी कर रही है, जिसके कारण बैंककर्मी विवश होकर हड़ताल पर जा रहे हैं.
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया कर्मचारी फेडरेशन का बयान
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया कर्मचारी फेडरेशन के महासचिव दीपक कुमार गुप्ता कहते हैं कि विगत दिनों 11 सितंबर को एक दिवसीय हड़ताल के बावजूद सरकार ने सुध नहीं ली, जिससे विवश होकर फिर तीन दिनों पर कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं. अगर इसके बावजूद मांगें नहीं मानी जाएगी तो 26 सितंबर से कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे. बता दें कि राज्य में विभिन्न राष्ट्रीयकृत, निजी, क्षेत्रीय ग्रामीण और सहकारी बैंकों की 3,200 से अधिक बैंक शाखाएं कार्यरत हैं, जिसमें निजी बैंकिंग सेवा को छोड़कर सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और ग्रामीण बैंक के कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे.
