सांसद से तनातनी -18-संघ के प्रांत प्रचारक का आज से कोल्हान दौरा , सफेदपोश के रवैए पर डैमेज कंट्रोल या कुछ और?

जमशेदपुर, 13सितंबर. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत प्रचारक गोपाल जी का कल 14 सितंबर से 19 सितंबर तक कोल्हान में प्रवास हो रहा है। 14 और 15 तारीख को जमशेदपुर, 16 को सरायकेला,17 को घाटशिला और 18, 19 सितंबर को चाईबासा में प्रवास का कार्यक्रम निर्धारित हुआ है। संघ के शताब्दी वर्ष अभियान में संगठन को मजबूत करने की दिशा में स्वयंसेवकों और बुद्धिजीवियों के साथ बैठकों और मुलाकातों से कोल्हान में नई स्फूर्ति आने की उम्मीद की जाती है। इसके साथ ही उस सफेदपोश माफिया के रवैए से फैली निराशा, विभ्रम, घुटन और अनीतिपूर्ण कार्यों से हो रही बदनामियों को दूर करने की दिशा में एक प्रयास माना जा रहा है। कोल्हान में संघ के अधिकांश समर्पित स्वयंसेवकों में विद्या विकास समिति, लघु उद्योग भारती, आदि के कार्यों में उस सफेदपोश माफिया के नाजायज और समाज में भेदभाव और विद्वेषमूलक कार्यों से निराशा फैली हुई है। कई स्थानों पर विघटन की स्थिति बन गई है । उम्मीद की जाती है कि प्रांत प्रचारक अपने इस कोल्हान प्रवास में प्रत्यक्ष हो रही विसंगतियों और बदनामी मूलक कार्यों पर नजदीक से नजर फेरेंगे। विदित हैं गोपाल जी विद्या विकास समिति के पालक अधिकारी भी हैं । ऐसी सूचनाएं मिल रहीं हैं कि एक संघ चालक के रवैए के चलते समाज में तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं। सांसद से तनातनी की चर्चा के चलते भाजपा संगठन भी असहज महसूस कर रहा है।

पता चला है प्रांत प्रचारक शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के साथ साथ उक्त सभी जिलों एवं महानगर के कई हिस्सों में अलग अलग स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे । इस प्रतिनिधि से बातचीत के क्रम में उन्होंने पत्रकारों के लिए भी समय निकालने के प्रश्न पर महानगर कार्यवाह द्वारा सूचित करने की बात कही। पत्रकारों को कार्यवाह की सूचना की प्रतीक्षा है।
विभाग चालक की पटरी से उतरने की बात पर उन्होंने कहा संगठन से बड़ा कोई व्यक्ति नहीं हो सकता । जिस व्यक्ति की शिकायतें लगातार आ रही हैं उसकी समीक्षा भी समय से की जाएगी।
जब उनसे पूछा गया कि एक कार्यकर्ता एक दायित्व के सिद्धांत पर चलने वाले संगठन में वह कैसे एक जगह चालक हैं और लघु उद्योग भारती में राष्ट्रीय सचिव के पद पर भी हैं तो इस प्रश्न पर प्रांत प्रचारक चुप रह गए और मिलने पर आगे की बातचीत का आश्वासन दिया ।
बहरहाल यह देखना है कि कोल्हान में अपने 6 दिनों के लंबे प्रवास में वह संघ संगठन की आड़ में अपनी दुकान चलाने वाले उस तथाकथित मायावी के कारनामों से आक्रोशित स्वयंसेवकों को नयी ऊर्जा देकर शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के लिए उत्साहित कर पाते हैं या उनके प्रवास का पूरा समय किसी एक बड़े नाम के डेमेज कंट्रोल में लग जाएगा। लघु उद्योग भारती का उस चालक ने पहले हरण किया। फिलहाल उसका कार्यकारी एक ऐसे व्यक्ति को बनवाया जो चुनावों में खुलकर झामुमो के लिए काम करता है । लघु उद्योग भारती के इस मोहरे मजुमदार ने चुनाव में खुल कर जे एम एम का काम किया । ऐसे लोगों से लघु उद्योग भारती चल रहा है जिनके अंदर अपनी विचारधारा वाला संस्कार ही नहीं है। इसी तरह यह चालक मुसाबनी और घाटशिला में संचालित विद्या विकास समिति के अधीन विद्यालयों में समिति के अस्तित्व को दांव पर लगाने में भूमिका अदा कर रहे । घाटशिला में वनवासी कल्याण केंद्र की जमीन पर अपना संघ कार्यालय चला करता था, उस भवन को ठीक करवाने केलिए तुड़वा दिया गया, फिर अग्रवाल समाज खड़ा हो गया कि अब नया भवन नहीं बनेगा यहां पर। काम रुक गया । अग्रवाल समाज का विरोध था, इसलिये यह मायावी सफेदपोश वहां कार्यालय बनाने के लिए तैयार नहीं हुए, वरना वहां कार्यालय बन सकता था और खुल कर विरोध भी किसी का नहीं होता। पर माननीय के कारण ऐसा नहीं हो सका….. जारी

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