NEET UG में OMR शीट पर बवाल, 6 छात्र पहुंचे सुप्रीम कोर्ट


NEET UG News:  नीट यूजी 2026 परीक्षा को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है. परीक्षा में शामिल 6 अभ्यर्थियों ने अपनी मार्कशीट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. छात्रों का कहना है कि परीक्षा के दौरान उन्होंने जिन उत्तरों को ओएमआर शीट में भरा था, वह एनटीए की ओर से जारी स्कैन कॉपी से मेल नहीं खाते. काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने से पहले उन्होंने मामले की जल्द सुनवाई की मांग की है. यह मामला मंगलवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने रखा गया है. सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई.

क्या है छात्रों का आरोप?

याचिका दायर करने वाले छह अभ्यर्थियों का दावा है कि उन्होंने नीट यूजी 2026 में 600 से 650 से ज्यादा अंक हासिल किए हैं.  लेकिन एनटीए की ओर अपलोड की गई ओएमआर शीट की स्कैन कॉपी में उनके उत्तर वही नहीं है, जो उन्होंने परीक्षा के दौरान भरे थे. छात्रों का कहना है कि इस गड़बड़ी का सीधा असर उनके अंतिम स्कोर और मेडिकल कॉलेज में एडमिशन की संभावना पर पड़ सकता है.

एनटीए से की शिकायत, लेकिन नहीं मिला जवाब 

छात्रों के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अभ्यर्थियों ने इस मामले को लेकर एनटीए को ईमेल भेजा और एजेंसी के कार्यालय भी पहुंचे, लेकिन उन्हें कोई समाधान नहीं मिला. उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद उनकी समस्या का हल नहीं निकाला गया, जिसके बाद उन्हें अदालत का रुख करना पड़ा.

 

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? 

सुनवाई के दौरान छात्रों की ओर से पेश वकील ने अदालत से मामले की जल्द सुनवाई का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि नीट यूजी काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. अगर समय रहते मामले पर फैसला नहीं हुआ, तो छात्रों के एडमिशन पर असर पड़ सकता है. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत जस्टिस, जॉय माल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ ने पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है.

पहले भी उठ चुके हैं ऐसे मामले

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब नीट यूजी 2026 को लेकर पहले से कई कानूनी विवाद चल रहे हैं. हाल ही में मुंबई हाई कोर्ट में भी एक अभ्यर्थी ने अपेक्षित और घोषित अंकों में अंतर का आरोप लगाते हुए, याचिका दायर की थी. वहीं दिल्ली हाई कोर्ट में भी एक छात्र ने दावा किया था कि एनटीए पोर्टल पर उसके नीट स्कोर में कई बार बदलाव हुआ. आपको बता दें की नीट यूजी 2026 परीक्षा पहले 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद इसे रद्द कर दिया गया था.  इसके बाद एनटीए ने 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित की. अब ओएमआर मार्कशीट में गड़बड़ी को लेकर दायर नई याचिका ने नीट यूजी से जुड़े विवादों को एक बार फिर चर्चा मिला दिया.

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