विधानसभा से कांग्रेस भवन तक लगा अमर रहे का नारा
रांचीः पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक के निधन से शोक की लहर है. मंगलवार को उन्होंने रांची के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली. मन्नान साहब से मशहूर वह कांग्रेस के हमेशा सच्चे सिपाही के रुप में जीवनभर बने रहे. वह कई दिनों से बीमार चल रहे थे और आखिरकार करीब 84 साल के उम्र में उनका निधन हो गया.
मन्नान मल्लिक को श्रद्धांजलि दी गई.
अंतिम संस्कार धनबाद में बुधवार को दिन के 1 बजे होगा. इधर मन्नान साहब के निधन से प्रदेश कांग्रेस में शोक की लहर है. निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को सर्वप्रथम विधानसभा परिसर लाया गया जहां उन्हें स्पीकर रबींद्रनाथ महतो, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित कई लोगों के द्वारा श्रद्धांजलि दी गई. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने मरांग बुरु से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिजनों, समर्थकों एवं शुभचिंतकों को इस कठिन घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की.
झारखंड ने एक अनुभवी जनप्रतिनिधि नेता को खो दियाः हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वे लंबे समय तक जनसेवा और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे, उन्होंने झारखंड, विशेषकर धनबाद की जनता की आवाज को मजबूती से उठाने का काम किया. उनके निधन से राज्य ने एक अनुभवी जनप्रतिनिधि और सामाजिक सरोकारों से जुड़े नेता को खो दिया है. उनका निधन अपूरणीय क्षति है, उनकी कमी सदैव महसूस की जाएगी.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी ने दिवंगत पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक के परिवार से मुलाकात की और अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें सांत्वना दी. इधर स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने दिवंगत मन्नान मल्लिक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें याद किया.
कांग्रेस भवन में लगा मन्नान मल्लिक अमर रहे का नारा
विधानसभा परिसर में श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद दिवंगत मन्नान मल्लिक का पार्थिव शरीर कांग्रेस भवन लाया गया, जहां कांग्रेस का झंडा देकर लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी. इस दौरान कांग्रेस भवन मन्नान मल्लिक के नारों से गूंजता रहा. इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह, कांग्रेस मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा, मार्केटिंग बोर्ड के चेयरमैन रविंद्र सिंह सहित कई लोगों ने उनके पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें भावभीनी विदाई दी.
पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि मन्नान मल्लिक जैसा मंत्री विधायक होना मुश्किल है जो अपनी बेबाकी के लिए हमेशा जाने जाएंगे. शायद यही वजह है कि उन्हें हिंदू मुस्लिम सभी धर्मों के लोगों का प्यार हमेशा मिला. ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि मन्नान साहब हमलोगों के लिए अभिभावक के समान थे उनका जाना कांग्रेस के लिए बड़ी क्षति है.
2009 में बने थे पहली बार धनबाद के विधायक
मन्नान मल्लिक ने अपने राजनीतिक और सामाजिक जीवन की शुरुआत तत्कालीन बिहार के मुख्यमंत्री अब्दुल गफूर के निजी सचिव के रूप में की थी. इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. तत्पश्चात मन्नान मल्लिक पहली बार 2009 में कांग्रेस के टिकट पर धनबाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने थे. वह हेमंत सोरेन सरकार में कांग्रेस कोटे से मंत्री बने थे. कांग्रेस के अलावा उन्होंने कोयलांचल में मजदूर राजनीति में भी अपनी पहचान बनाई थी.
