किर्गिस्तान में एससीओ सम्मेलन चल रहा है। यहां पर प्रधानमंत्री मोदी की रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात हुई। व्लादिमीर पुतिन और पीएम मोदी की मुलाकात में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक पीएम मोदी ने पुतिन से कहाकि यूक्रेन से युद्ध खत्म होना चाहिए। दोनों की मुलाकात का वीडियो भी आया है। इसमें राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी एक-दूसरे को गर्मजोशी से गले लगाते नजर आ रहे हैं।
इस मुलाकात में डिफेंस कोऑपरेशन, एनर्जी सप्लाई, ट्रेड टाई, फर्टिलाइजर शिपमेंट और BRICS समिट से पहले जरूरी जियोपॉलिटिकल मुद्दों पर बातचीत हो रही है.
पीएम मोदी ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति से मिलकर खुशी हुई. पीएम मोदी बोले, “भारत यूक्रेनी मामले में सभी शांतिपूर्ण कोशिशों का सपोर्ट करता है और आगे भी करता रहेगा. भारत सभी समस्याओं को शांति से सुलझाने की वकालत करता है, जो पूरी इंसानियत के लिए ज़रूरी है. सितंबर में नई दिल्ली में BRICS समिट में प्रेसिडेंट पुतिन के आने से रूस और भारत के बीच रिश्ते मजबूत होंगे.”
पुतिन ने क्या कहा?
रूस और भारत के बीच ट्रेड और इकोनॉमिक कोऑपरेशन पॉजिटिव ट्रेंड दिखा रहा है, जिसमें ट्रेड टर्नओवर 2% से ज़्यादा बढ़ा है. रूस और भारत के बीच रिश्ते मजबूत हो रहे हैं और इसमें प्राइम मिनिस्टर मोदी का पर्सनल ध्यान मदद कर रहा है. पुतिन ने दोनों देशों के बीच टूरिस्ट एक्सचेंज में बढ़ोतरी पर ध्यान दिया, जो 2025 में 16% बढ़ जाएगा.
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की। इस मुलाकात में ईरानी राष्ट्रपति ने कहाकि भारत आने वाले समय में ईरान के साथ व्यापार का दायरा बढ़ाना और उसमें विविधता लाना चाहता है। मोदी ने वार्ता एवं कूटनीति के जरिए पश्चिम एशिया संघर्ष के समाधान की भी अपील की।
प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन से इतर पेजेश्कियान के साथ बैठक की। मोदी ने सोशल मीडिया पर कहाकि बिश्केक में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात हुई। ईरान के साथ भारत की पुरानी दोस्ती को विभिन्न क्षेत्रों में और मजबूत करने के हमारे संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहाकि हम आने वाले समय में द्विपक्षीय व्यापार के दायरे को विस्तारित करना और उसमें विविधता लाना चाहते हैं। हमने क्षेत्र के मौजूदा हालात पर चर्चा की। भारत स्थायी शांति सुनिश्चित करने के मकसद से की जा रही सभी कोशिशों का समर्थन करना जारी रखेगा।
विदेश मंत्रालय ने कहाकि दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के संघर्ष पर चर्चा की और उभरती स्थिति पर अपने विचार साझा किए। मंत्रालय ने कहाकि प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई और भारत के इस रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने इस क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कोशिशें जारी रखने की जरूरत पर भी जोर दिया।
विदेश मंत्रालय ने कहाकि उन्होंने समुद्री आवाजाही और वाणिज्य की स्वतंत्रता की रक्षा करने का आह्वान करते हुए इस बात पर जोर दिया कि किसी भी हालत में आम नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे -जिसमें वाणिज्यिक पोत परिवहन और समुद्री कर्मी शामिल हैं- को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
