नीतीश कुमार के सीएम पद से इस्तीफे के साथ ही बीजेपी नेता सम्राट चौधरी के नया सीएम बनने का रास्ता साफ हो गया. बिहार की नई सरकार गठन की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. उनके नाम का प्रस्ताव वरिष्ठ नेता विजय कुमार सिन्हा ने विधायक दल की बैठक में रखा, जिसे सर्वसम्मति से मंज़ूरी दी गई. इस फैसले के साथ ही बिहार में अगली सरकार और मुख्यमंत्री को लेकर राजनीतिक तस्वीर और साफ हो गई है.
विधायक दल का नेता चुने जाने पर सम्राट की प्रतिक्रिया
विधायक दल का नेता चुना जाने पर सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा मुझ पर विश्वास जताते हुए विधानमंडल दल के नेता का दायित्व सौंपने पर हृदय से आभार व्यक्त करता हूं. यह मेरे लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि बिहार की जनता की सेवा, उनके विश्वास और सपनों को साकार करने का एक पवित्र अवसर है. मैं पूर्ण निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ जन-जन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प लेता हूं. देश के यशस्वी पीएम मोदी के कुशल नेतृत्व एवं माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष के मार्गदर्शन में बिहार को विकास, सुशासन और समृद्धि के नए आयामों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहूंगा. आप सभी का स्नेह, आशीर्वाद और सहयोग ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है. जय बिहार, जय भारत!
सीएम पद से नीतीश कुमार का इस्तीफा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने लोकभवन जाकर राज्यपाल को इस्तीफा सौंपा. इसके साथ ही बिहार में दो दशक के नीतीश राज का भी अंत हो गया. इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार ने बिहार की जनता के लिए भावुक खत लिखा. उन्होंने कहा कि हमने बिहार की जनता के लिए बहुत काम किया है. इतने दिनों तक, हमने लगातार लोगों की सेवा की है. हमने तय किया था कि अब हम मुख्यमंत्री का पद छोड़ देंगे, और इसलिए, आज की कैबिनेट बैठक के बाद, हमने माननीय राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया.
बिहार में पहली बार बीजेपी के नेतृत्व में सरकार
बिहार में पहली बार भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनने जा रही है. इस मौके पर बीजेपी के प्रदेश कार्यलाय को सजाया गया है. इसी बीच भारतीय जनता पार्टी की भी विधायक दल की बैठक हुई. नीतीश कुमार के इस इस्तीफे के साथ बिहार में नीतीश युग के समाप्त होने की बात कही जा रही है. पिछले साल नवंबर महीने में विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिले बहुमत के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर चार दशकों का है.
