
पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठे राहुल गांधी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इस दौरान उनकी नाक से खून बहता नजर आ रहा है। आरोप है कि हिरासत में लिए जाने के दौरान राहुल गांधी की नाक में चोट लगी है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष के सीने पर भी चोट लगने की बात कही जा रही है। गौरतलब है कि पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और सपा मुखिया अखिलेश यादव को पुलिस ने शाम करीब पौने सात बजे हिरासत में ले लिया। राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया है।
जमीन पर बैठ गए राहुल
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस दौरान सड़क पर बैठ गए और पुलिस के साथ जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद करीब 10 पुलिसकर्मी राहुल गांधी को घसीटते हुए लेकर गए। इस दौरान उनकी नाक से खून बहता नजर आया। इसके अलावा यह भी आरोप लगे हैं कि राहुल गांधी के सीने पर भी चोटें लगी हैं। गौरतलब है कि जब पुलिसकर्मी राहुल गांधी को हिरासत में लेने की कोशिश कर रहे थे तो वह जमीन पर बैठ गए। इस दौरान पुलिसकर्मी उन्हें जबरन उठाकर बस में बैठाने की कोशिश करते नजर आए।
धरनास्थल से घसीटते हुए ले गए
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और कई अन्य कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के निकट धरना दिया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की मांग की। बाद में पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कई अन्य नेताओं को हिरासत में लिया और उन्हें बस में बैठाकर ले जाया गया। बस में बैठाने के दौरान प्रियंका गांधी ने प्रतिरोध भी किया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी इस धरना में शामिल हुए थे।
जमकर हुई नारेबाजी
कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए ‘7 लोक कल्याण मार्ग’ के निकट धरना दिया और ‘प्रधानमंत्री इस्तीफा दो’, ‘गुंडागर्दी नहीं चलेगी’ और ‘छात्रों को न्याय दो’ जैसे नारे लगाए। धरना शुरू होने के कुछ देर बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया। इससे पहले लोकसभा सदस्य चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, शशिकांत सेंथिल और अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने हाथों में हथकड़ियां पहनकर छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का सांकेतिक विरोध किया।
