रांची : रांची में JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के बीच शनिवार को हुई वार्ता खत्म हो गई. बातचीत के बाद छात्रों ने बताया कि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया गया है, लेकिन फिलहाल आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा. छात्रों का कहना है कि जब तक सरकार की ओर से उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. इससे पहले शुक्रवार रात को भी छात्रों और सरकार के बीच बातचीत हुई थी, जिसमें परीक्षा विवाद को लेकर कार्रवाई और समाधान की मांग प्रमुखता से उठाई गई थी.
छात्रों ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं. इनमें 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करना, परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच CBI से कराना और दोबारा परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करना शामिल है. छात्रों का कहना है कि इन मांगों को लेकर वे लगातार सरकार के सामने अपना पक्ष रख रहे हैं. उनका आरोप है कि परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद अभ्यर्थियों के बीच नाराजगी बढ़ी. छात्रों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और अभ्यर्थियों के हित में दोबारा परीक्षा कराई जाए.
हालांकि, छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी मुख्य मांग से पीछे नहीं हटेंगे. छात्रों की मांग है कि पूरी परीक्षा रद्द कराई जाए और मामले में उचित कार्रवाई हो. उनका कहना है कि जब तक सरकार इस मांग पर स्पष्ट निर्णय नहीं लेती, तब तक धरना जारी रहेगा. छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव करने की भी घोषणा की है. वहीं, वार्ता खत्म होने के बाद सरकार अब चार अन्य दलों से भी बातचीत करेगी, ताकि परीक्षा विवाद और छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके.
गौरतलब है कि 14वीं JPSC परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया था. छात्रों ने रिजल्ट में JPSC के किसी सदस्य के हस्ताक्षर नहीं होने को लेकर सवाल उठाए थे. इसके बाद मामला लगातार तूल पकड़ता गया और छात्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया. सरकार ने मामले की जांच का जिम्मा CID को सौंपा था. जांच के दौरान CID ने अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े होने के आरोप हैं. अब छात्रों की नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर है. छात्रों ने स्पष्ट किया है कि ठोस निर्णय होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
रिपोर्ट- समीर
