जमशेदपुर, 7 मई (रिपोर्टर) : कदमा उलियान निवासी सौमेन महतो (बापी) ने कदमा अनिल सुर पथ स्थित उनकी पुश्तैनी जमीन की प्रकृति बदलकर उसे ‘अनावाद बिहार सरकार’ की श्रेणी में शामिल करने पर गंभीर सवाल उठाए हैं. आरोप लगाया कि जिस जमीन के एवज में उनके परिवार ने वर्षों तक सरकार को टैक्स का भुगतान किया, उसी जमीन को बाद में सरकारी भूमि बताते हुए टाटा लीज क्षेत्र में शामिल कर दिया गया. सोमवार को अपने उलियान स्थित आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में सौमेन ने बताया कि संबंधित जमीन का प्लॉट नंबर 1248 एवं 1231 (नया प्लॉट नंबर 66, 67, 68, 69 और 74) है. इसका खाता नंबर 1 (नया खाता नंबर 1217) है. उन्होंने कहा कि वर्ष 1907 के सर्वे रिकॉर्ड में उक्त जमीन की प्रकृति ‘खेती’ दर्ज थी तथा इसके मूल रैयत दुर्गा चरण महतो थे. बाद में उनके परिवार ने दुर्गा चरण महतो के पुत्र से यह जमीन खरीदी. वर्ष 1970 में नवंबर और दिसंबर माह में दो अलग-अलग सेल डीड के माध्यम से जमीन की खरीदारी की गई. तब से यह जमीन उनके परिवार के नाम पर दर्ज है.
सौमेन का कहना है कि यह शुरू से रैयती भूमि रही है, लेकिन सरकारी त्रुटि के कारण इसे ‘अनावाद बिहार सरकार’ की श्रेणी में डाल दिया गया. इतना ही नहीं, इसे टाटा लीज क्षेत्र में भी शामिल कर दिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह जमीन सरकारी थी तो फिर इसका रजिस्ट्रेशन और म्यूटेशन कैसे हुआ? सरकार ने इतने वर्षों तक जमीन का टैक्स क्यों लिया? वहीं यदि जमीन रैयती थी, तो आखिर किस आधार पर इसकी प्रकृति बदल दी गई? सौमेन ने बताया कि उन्होंने इस मामले को अदालत में चुनौती दी है. इस संबंध में सिविल जज (सीनियर डिवीजन-9), जमशेदपुर की अदालत में वाद संख्या 66/2022 लंबित है. मामले की अगली सुनवाई 21 मई, 2026 को निर्धारित है. इसी भूखंड में संदीप गोराई की भी प्लाट (न. 1217 व 1248) है, जबकि नया में प्लाट न. 70 और 72 है. पत्रकार वार्ता में संदीप गोराई भी भी उपस्थित थे.
