मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी गठबंधन INDIA ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर ‘मॉक संसद’ बुलाई है। पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार बतौर अध्यक्ष ने इस मॉक सत्र की शुरुआत की। दिल्ली के 10, राजाजी मार्ग स्थित आवास पर इस कार्यक्रम को विपक्ष ने ‘जन महाभियोग’ नाम दिया है। आयोजन के जरिए विपक्ष कथित ‘वोट चोरी’ और वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर अपनी आपत्तियां उठा रहा है।
कांग्रेस और विपक्ष की ओर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जो प्रस्ताव पेश किया गया, उसमें 6 बड़े आरोप लगाए गए हैं.
क्या-क्या आरोप लगाए?
चुनाव चुराने की साजिश रची गई.
13.2 करोड़ वोटरों के नाम हटा दिए गए.
संसद की निगरानी या जानकारी के बिना ‘फॉर्म 6’ को बदल दिया.
ECINET के जरिए इलेक्टोरल रोल पर कब्जा कर लिया.
बाकी दो चुनाव आयुक्तों को प्रक्रिया से बाहर रखा.
मोदी और शाह के इशारे पर काम किया.
यह आयोजन पहले शुक्रवार, 30 अक्टूबर को दोपहर बाद 3:30 बजे होना था, लेकिन दिल्ली में लगातार बारिश के कारण इसे शनिवार, 31 अक्टूबर तक टाल दिया गया। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा, ‘यह कोई दिखावटी संसद नहीं है। यह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का सार्वजनिक महाभियोग है। लोग इसमें शामिल होने के लिए उत्सुक हैं, न केवल इंडिया गठबंधन के लोग, बल्कि नागरिक समाज के सदस्य भी।’
ममता बनर्जी समेत सभी सीनियर नेता दिल्ली में रहेंगे मौजूद: टीएमसी
पश्चिम बंगाल में टीएमसी (ममता बनर्जी गुट) के विधायक कुणाल घोष ने कहा कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी समेत पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता दिल्ली में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के साथ-साथ दूसरे धर्मनिरपेक्ष, प्रगतिशील और लोकतांत्रिक संगठन भी नागरिकों के अधिकारों की आवाज उठा रहे हैं। इसमें मतदान के अधिकार समेत लोगों के अन्य अधिकारों की रक्षा का मुद्दा भी शामिल है।
सिख विरोधी दंगों पर क्या बोले हरदीप सिंह पुरी
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों में हुई सामूहिक हत्याओं को मानवता के खिलाफ अपराध बताया था। अदालत ने यह भी माना था कि इन घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों को राजनीतिक संरक्षण मिला और कानून लागू करने वाली एजेंसियां अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहीं। 17 दिसंबर 2018 को दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को राज नगर में पांच लोगों की हत्या से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया था। अदालत ने उन्हें जीवन के बाकी समय तक जेल में रहने की सजा सुनाई थी। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि निर्दोष नागरिकों के खिलाफ इस तरह के जघन्य अपराध दोबारा कभी न हों।
विपक्ष के पास जनता को देने के लिए कुछ नहीं: रामकृपाल यादव
1 नवंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास जनता को देने के लिए कुछ नहीं है। उसे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार जरूर है, लेकिन इससे कोई नतीजा नहीं निकलने वाला। देश की जनता ने मोदी जी को जनादेश दिया है और विपक्ष को उसका सम्मान करना चाहिए। अगर विपक्ष देश में अराजकता फैलाने की कोशिश करता है, तो पूरा देश यह देख रहा है। राहुल गांधी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को समझना चाहिए कि अगर वे अशांति फैलाने का प्रयास करेंगे, तो जनता अपने वोट के जरिए पहले ही अपना फैसला सुना चुकी है और एक बार फिर इसका जवाब देगी।
पुरी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का किया जिक्र
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या, इसे लेकर किसी का भी नजरिया हो, एक बड़ी त्रासदी थी। लेकिन इसके बाद सिख समुदाय को सामूहिक रूप से निशाना बनाना और उसे सजा देना किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पूरे देश में इन दंगों के दौरान 3,325 लोगों की मौत हुई थी। इनमें से अकेले दिल्ली में 2,733 लोगों की जान गई थी।
1 नवंबर इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक: हरदीप सिंह पुरी
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि 1 नवंबर को दिल्ली के इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक की 42वीं बरसी है। उन्होंने कहा कि यह तारीख सिख परिवारों के लिए बेहद दर्दनाक यादें लेकर आती है। इस दिन उन्हें अपने उन परिजनों की याद आती है, जिनकी हत्या कर दी गई थी और उन घरों की याद आती है, जिन्हें आग के हवाले कर राख कर दिया गया था। पुरी ने कहा कि एचएस फूलका ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए चार दशक से अधिक समय तक संघर्ष किया है। उन्होंने धमकियों और लगातार देरी के बावजूद पीड़ितों के वकीलों के साथ मिलकर इन मामलों को जीवित रखा और न्याय की लड़ाई जारी रखी।
तेजस्वी यादव ने ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर वोटों की चोरी कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से वोटों की चोरी हो रही है, उससे देश के लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है और लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं। तेजस्वी ने कहा कि पूरे देश के लोग इस मुद्दे पर एकजुट हैं और लोकतंत्र को खत्म करने की किसी भी कोशिश को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे।
