नदी किनारे और निचले इलाकों में बढ़ी सतर्कता
जमशेदपुर, 29 अगस्त : जिले में नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच खरकई नदी का पानी खतरे के निशान से 1.32 मीटर ऊपर पहुंच गया है. मुख्य अभियंता (एसएमपी), चांडिल कॉम्प्लेक्स, जमशेदपुर के फ्लड सेल द्वारा 29 अगस्त 2026 की रात 9 बजे जारी दैनिक रिपोर्ट में खरकई नदी का जलस्तर 130.32 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का निशान 129.00 मीटर है. रिपोर्ट में जलस्तर के लगातार बढऩे का उल्लेख किया गया है.
रिपोर्ट के अनुसार आदित्यपुर ब्रिज साइट पर खरकई नदी का वर्तमान जलस्तर 130.32 मीटर है. नदी का बेड लेवल 123.00 मीटर तथा वर्ष 1973 में दर्ज उच्चतम बाढ़ स्तर 139.85 मीटर रहा है. वहीं 18 जून 2008 को दर्ज उच्चतम बाढ़ स्तर 137.80 मीटर था. दूसरी ओर मानगो ब्रिज साइट पर स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर 120.24 मीटर दर्ज किया गया है. यहां खतरे का निशान 121.50 मीटर है. यानी स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.26 मीटर नीचे है. हालांकि रिपोर्ट में स्वर्णरेखा के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. फ्लड सेल की रिपोर्ट में दोनों नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज होने से नदी किनारे और निचले इलाकों में रहनेवाले लोगों के लिए सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई है. खासकर खरकई नदी के खतरे के निशान से काफी ऊपर बहने के कारण स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है.
स्वर्णरेखा-खरकई के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन सतर्क
स्वर्णरेखा और खरकई नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने नदी के डूब क्षेत्र एवं तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. फिलहाल स्वर्णरेखा नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, जबकि खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी किनारे जाने से बचें और आवश्यकता पडऩे पर सुरक्षित ऊंचे स्थानों या नगर निकायों द्वारा चिन्हित आश्रय स्थलों में शरण लें. लोगों से विशेष रूप से बच्चों एवं बुजुर्गों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने तथा किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने की अपील की गई है, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो.
