जमशेदपुर में लगातार बारिश के बीच स्वर्णरेखा और खरकाई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। दोनों नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि के कारण पूर्वी सिंहभूम जिले के कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बागबेड़ा, मानगो, कदमा, शास्त्रीनगर समेत कई क्षेत्रों में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। हाल के दिनों में भी दोनों नदियों के उफान से जमशेदपुर के सैकड़ों घर प्रभावित हुए हैं। �
इसी बीच मंगलवार देर रात कदमा शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर-2 निवासी 28 वर्षीय टीपू खान तेज पानी के बहाव में बहकर डूब गया। घटना के बाद प्रशासन और राहत-बचाव दल सक्रिय हो गए हैं। तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है और एनडीआरएफ की टीम को भी राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है।
बताया जा रहा है कि देर रात आदित्यपुर पुल के पास खरकाई नदी खतरे के निशान से करीब 6.70 मीटर ऊपर बह रही थी। वहीं मानगो पुल के पास स्वर्णरेखा नदी भी खतरे के निशान से करीब 2.48 मीटर ऊपर बताई गई। खरकाई नदी का डेंजर लेवल 129 मीटर, जबकि स्वर्णरेखा का डेंजर लेवल 121.50 मीटर बताया गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चांडिल डैम के 13 और खरकाई डैम के दो फाटक खोल दिए गए हैं। इससे नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है।
मौसम विभाग की ओर से आज भी भारी बारिश की संभावना जताए जाने के कारण प्रशासन हाई अलर्ट पर है। यदि ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश जारी रहती है तो नदियों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने तथा अनावश्यक रूप से पानी के नजदीक नहीं जाने की अपील की गई है।
जमशेदपुर में स्वर्णरेखा और खरकाई के संगम क्षेत्र में स्थित होने के कारण दोनों नदियों के उफान का सीधा असर शहर के निचले इलाकों पर पड़ता है। �
**फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यही है कि भारी बारिश के बीच जलस्तर लगातार बढ़ता है या इसमें कुछ कमी आती है। प्रशासन की चुनौती लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ-साथ जलजमाव और बाढ़ से प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने की है।**
